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Surya Bhedan Pranayama Kya Hai: कैसे करें सूर्य भेदन प्राणायाम, जानें इसके लाभ और सावधानियां

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Surya Bhedan Pranayama Kya Hai: योग में सूर्य भेदन प्राणायाम जैसी कुछ तकनीकों का अभ्यास करने से सर्दियों के महीनों में शारीरिक अकड़न को कम करने के अलावा शारीरिक गर्मी पैदा करने में मदद मिलती है।

Surya Bhedan Pranayama Kya Hai
Surya Bhedan Pranayama Kya Hai: योग में सूर्य भेदन प्राणायाम जैसी कुछ तकनीकों का अभ्यास करने से सर्दियों के महीनों में शारीरिक अकड़न को कम करने के अलावा शारीरिक गर्मी पैदा करने में मदद मिलती है। योग में सूर्य भेदन प्राणायाम एक ऊर्जा देने वाला और गर्म करने वाला प्राणायाम है। सूर्य भेदन प्राणायाम में, हम दाएं नथुने (सूर्य नाड़ी) से सांस लेते हैं और बाएं नथुने से सांस छोड़ते हैं। यह शरीर में पिंगला नाड़ी (ऊर्जावान नाड़ी) को सक्रिय करता है। यह प्राणायाम शरीर में ऊर्जा, गर्मी और जीवन शक्ति बढ़ाने में सहायक है।

सूर्य भेदन प्राणायाम कैसे करें

इसे करने के लिए शांत और साफ जगह पर आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं। शरीर को पूरी तरह से आराम दें और मन को शांत करें। अब दाएं हाथ की विष्णु मुद्रा बनाएं और तर्जनी और मध्यमा को मोड़ें, और अंगूठे, अनामिका और छोटी उंगली को खुला रखें। बाएं हाथ को ज्ञान मुद्रा में घुटने पर रखें और दाएं नथुने से सांस लें। बाएं नथुने को अंगूठे से बंद करें। दाएं नथुने से धीरे-धीरे और गहरी सांस लें। सांस अंदर लेने के बाद कुछ देर तक सांस को रोककर रखें। अनामिका और कनिष्ठिका से दाएं नथुने को बंद करें। बाएं नथुने से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। इस प्रक्रिया को 5-10 मिनट तक करें। धीरे-धीरे समय और चक्रों की संख्या बढ़ाएं।

सावधानियां

इस प्राणायाम को खाली पेट करें।

यदि आपको उच्च रक्तचाप, हृदय रोग या कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो इसे योग शिक्षक की देखरेख में करें।

जब आप सांस को रोककर रखें (कुंभक), तो सांस को बहुत देर तक रोकने की कोशिश न करें।

सूर्य भेदन के लाभ

शरीर में गर्मी और जीवन शक्ति को बढ़ाता है।

कोशिकाओं की मरम्मत और पुनर्जनन में मदद करता है, जो आपकी उम्र बढ़ने और त्वचा की झुर्रियों को रोकता है।

पाचन तंत्र को सक्रिय करता है।

सूर्य भेदन करने से ध्यान और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

शरीर की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करके उम्र बढ़ने को धीमा करने में मदद करता है।

इस प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से आप जीवन में नई ऊर्जा और स्वास्थ्य का अनुभव कर सकते हैं।

शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह में सुधार करके रक्त को शुद्ध करता है।

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