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Yoga Nidra Kya Hai: आध्यात्मिक नींद क्या है, जानें इसे करने की विधि और लाभ

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Yoga Nidra Kya Hai:  योग निद्रा एक तरह से मानसिक और शारीरिक विश्राम की एक बहुत ही अच्छी प्रक्रिया है। इस योग को करने से व्यक्ति पूरी तरह से जागरूक रहने के साथ ही साथ गहरे विश्राम की अवस्था में होता है। योग निद्रा नींद की कमी को भी पूरा करती है और थकान, तनाव और अवसाद से भी मुक्ति दिलाती है।

Yoga Nidra Kya Hai
Yoga Nidra Kya Hai: आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति अच्छी नींद के लिए परेशान हैं। लोग तरह-तरह के दवाई या योगासन भी करते हैं। लेकिन आज कुछ ऐसे योग के बारे में बताने वाले हैं, जिसे करने के बाद आपको अच्छी नींद ही नहीं बल्कि शरीर में एक अलग प्रकार की ऊर्जा का भी प्रवाह होने लगेगा। बात कर रहे हैं योग निद्रा की, जी हां योग निद्रा एक तरह से मानसिक और शारीरिक विश्राम की एक बहुत ही अच्छी प्रक्रिया है।

इस योग को करने से व्यक्ति पूरी तरह से जागरूक रहने के साथ ही साथ गहरे विश्राम की अवस्था में होता है। योग निद्रा नींद की कमी को भी पूरा करती है और थकान, तनाव और अवसाद से भी मुक्ति दिलाती है। इसे योगिक निद्रा भी कहते हैं। योग निद्रा में आप अपनी चेतना को शांत करते हैं और शरीर को पूरी तरह से शिथिल कर देते हैं। यह एक प्राचीन योग पद्धति है। लेकिन इसे कैसे करना है, आइए पहले जानते हैं...

योग निद्रा की विधि

सबसे पहले आरामदायक स्थिति में लेट जाएं, जैसे शवासन। फिर अपने हाथों को बगल में रखें और पैरों को थोड़ा फैला लें। अपनी आंखें बंद करें और शरीर को पूरी तरह से शिथिल कर दें। ध्यान रखें कि शरीर को हिलाना नहीं है, सोना नहीं है क्योंकि यह एक मनोवैज्ञानिक नींद है। आपको विचारों से भी जूझना नहीं है। अपने शरीर और मन को पूरी तरह से शिथिल रखें। पूरी तरह से सांस अंदर और बाहर लें।

इसके बाद आप अपने मन में एक सकारात्मक संकल्प या इच्छा स्थापित करें लें। माना जाता है कि संकल्प आपके मनोबल को भी बढ़ाता है। योग निद्रा में आप अपनी सांसों की गति पर ध्यान को केंद्रित करना होगा। इसके बाद ही गहरी और धीमी सांस लें और छोड़ें। सांस लेने की हर प्रक्रिया को महसूस करें। अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करें। शरीर के हर अंग को एक-एक करके महसूस करें और उसे आराम दें। इसे बॉडी स्कैनिंग भी कहते हैं।

अपने संकल्प को फिर से दोहराएँ और इसे अपने मन में स्थिर करें। अपने मन में एक शांत और सुखद दृश्य की कल्पना करें। अपने मन को भौंहों के बीच लाएँ और ध्यान करें और योग निद्रा समाप्त करने से पहले अपने संकल्प को 3 बार आंतरिक रूप से दोहराएँ। फिर दोनों हथेलियों को गर्म करके आँखों पर रखें और पाँच बार आराम से साँस लें।

योग निद्रा कब करना सही है?

माना जाता है कि योग निद्रा के करने के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त में कर सकते हैं। ब्रह्म मुहूर्त का समय 03 बजकर 40 से लेकर 04 बजकर 28 मिनट तक है। कहा जाता है कि यदि आप रोजाना योग निद्रा का अभ्यास करते हैं, तो यह आपके लिए बहुत ही अच्छा रहता है। योग निद्रा जितनी बार चाहे आप उतनी बार कर सकते हैं। योग निद्रा 5 मिनट से लेकर आधे घंटे या एक घंटे तक कर सकते हैं। बस इसे खाने के तुरंत बाद न करें।

योग निद्रा के लाभ

योग निद्रा शरीर और मन को गहन विश्राम की स्थिति में ले जाती है, जो नींद से ज़्यादा शांति प्रदान करती है।

यह तकनीक तनाव, चिंता और अवसाद को कम करने में सहायक है।

योग निद्रा शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती है। यह मांसपेशियों को आराम देती है।

यह तकनीक मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता को बढ़ाती है। योग निद्रा मन को शुद्ध करती है और सकारात्मकता बढ़ाती है।

योग निद्रा आत्मा की शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति में मदद करती है। यह तकनीक व्यक्ति को गहन ध्यान और आत्मज्ञान की ओर ले जाती है।

योग निद्रा शरीर के तापमान को सामान्य रखती है, रक्तचाप में सुधार करती है और रक्त परिसंचरण में सुधार करती है।

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