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5 Yogasan Start Day: सुबह-सुबह जरूर करें ये 5 योग आसन, एनर्जी से भरपूर रहेंगे पूरा दिन

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

5 Yogasan Start Day: सुबह की शुरुआत योग से करने से कई शारीरिक और मानसिक लाभ होते हैं। कई बार लोग आलस्य या समय की कमी के कारण योग नहीं करना चाहते, लेकिन हम आपको ऐसे 5 आसन बता रहे हैं जो न केवल सरल और प्रभावी हैं, बल्कि आप इनमें से 1-2 आसन बिस्तर पर ही कर सकते हैं।

5 Yogasan Start Day
5 Yogasan: सुबह की शुरुआत योग से करने से कई शारीरिक और मानसिक लाभ होते हैं। कई बार लोग आलस्य या समय की कमी के कारण योग नहीं करना चाहते, लेकिन हम आपको ऐसे 5 आसन बता रहे हैं जो न केवल सरल और प्रभावी हैं, बल्कि आप इनमें से 1-2 आसन बिस्तर पर ही कर सकते हैं। अगर आप इन योगासनों को अपनी सुबह की दिनचर्या में शामिल करते हैं, तो आपका पूरा दिन तरोताजा रहेगा। तो चलिए जानते हैं...

दीवार पर पैर रखकर लेटना

यदि आपको सुबह-सुबह योग करने में आलस आ रहा है, तो आप सुबह की शुरुआत बिस्तर पर ही दीवार पर पैर रखकर लेटने के साथ कर सकते हैं। यह आसन आपके शरीर के निचले हिस्से को आराम देता है और आपकी पीठ के निचले हिस्से में तनाव को कम करता है। सुबह अपने दिमाग को तरोताजा रखने का इससे बेहतर कोई तरीका नहीं है। इस आसन को करने के लिए अपने बिस्तर पर पीठ के बल लेट जाएं। अपनी पीठ को सीधा रखते हुए अपने पैरों को दीवार के सहारे ऊपर उठाएं और उन्हें दीवार पर टिका दें। फिर अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। आप जितनी देर चाहें इस मुद्रा में रह सकते हैं। 

ब्रिज पोज

यह मुद्रा आपकी छाती, कंधों, जांघों, पेट, ग्लूट्स और टखनों को मजबूत और कठोर बना सकता है। साथ ही यह पीठ के बीच के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों को भी अच्छा खासा बनाता है। ब्रिज पोज करने से पीठ दर्द से राहत दिला मिल जाता है। इसके साथ ही आप पूरे दिन डेस्क पर बैठते हैं तो भी यह मददगार है। इस पोज को करने के लिए, अपने घुटनों को मोड़कर और पैरों को बिस्तर पर सपाट रखकर पीठ के बल लेट जाएँ। अपने पैरों को दबाते हुए अपने कूल्हों को बिस्तर से ऊपर उठाएँ। शुरुआती स्थिति में लौटने से पहले एक मिनट तक रुकें।

बाल मुद्रा

यह व्यायाम बिस्तर पर भी किया जा सकता है। बाल मुद्रा निचले शरीर को हल्का खिंचाव देता है। यह आपके तंत्रिका तंत्र को शांत करने और आपके शरीर में तनाव को दूर करने में मदद करता है। इस पोज को करने के लिए, अपने पैरों को एक साथ रखकर बिस्तर पर घुटनों के बल बैठें और अपने टखनों पर वापस बैठ जाएँ। अपने घुटनों को खुला रहने दें और अपनी बाहों को आगे की ओर फैलाएँ। अपने सिर को बिस्तर पर टिकाएँ। कुछ देर इसी स्थिति में रहें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएँ।

ताड़ासन

यह आसन शरीर को संतुलन में लाता है, रीढ़ को सीधा करता है और ध्यान केंद्रित करता है। इसे करना सुबह की स्ट्रेचिंग करने जैसा है। इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं और हाथों को शरीर के पास रखें। गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। पंजों के बल खड़े होकर शरीर को स्ट्रेच करें। इसके बाद कुछ ही बाद सेकंड रुक जाएं और सामान्य स्थिति में आ जाएं। इस आसन को आप 1 से 2 मिनट तक कर सकते हैं।

भुजंगासन

यह आसन पीठ और रीढ़ को मजबूत करता है, तनाव कम करता है और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है। इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं और हाथों को कंधों के नीचे रखें। सांस लेते हुए सिर और छाती को ऊपर उठाएं। कोहनियों को सीधा रखें और कंधों को पीछे की ओर खींचें। कोबरा पोज आपके शरीर के अगले हिस्से, कंधों और छाती को स्ट्रेच करके पूरे शरीर को जागृत करता है। यह आपकी रीढ़ की हड्डी को ऊर्जा देने में भी मदद करता है।

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