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Back Pain Relief: पीठ दर्द में राहत दिला सकते हैं ये आसान और असरदार योगासन, जानें सही तरीका

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Back Pain Relief: मार्जरी-व्याघ्रासन यानी कैट-काउ पोज रीढ़ की हड्डी के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। इस आसन में घुटनों और हथेलियों के बल आकर सांस लेते हुए कमर को नीचे की ओर झुकाया जाता है और गर्दन ऊपर उठाई जाती है।

Back Pain Relief: 
Back Pain Relief: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में पीठ दर्द एक आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, मोबाइल या लैपटॉप का अधिक उपयोग, गलत तरीके से वजन उठाना और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसकी प्रमुख वजहें हैं। पीठ दर्द होने पर कई लोग तुरंत दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन कुछ आसान योगासन नियमित रूप से करने पर कमर और पीठ की मांसपेशियों को आराम मिल सकता है। सही तरीके से किए गए योगासन रीढ़ की लचक बढ़ाने और मांसपेशियों में जकड़न कम करने में मदद करते हैं।

मार्जरी-व्याघ्रासन से मिलती है रीढ़ को लचक

मार्जरी-व्याघ्रासन यानी कैट-काउ पोज रीढ़ की हड्डी के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। इस आसन में घुटनों और हथेलियों के बल आकर सांस लेते हुए कमर को नीचे की ओर झुकाया जाता है और गर्दन ऊपर उठाई जाती है। इसके बाद सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर गोल किया जाता है। इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे कई बार दोहराने से पीठ की जकड़न कम होती है और रीढ़ अधिक लचीली बनती है।

भुजंगासन से कमर की मांसपेशियां होती हैं मजबूत

भुजंगासन पीठ दर्द में राहत देने वाले प्रमुख योगासनों में शामिल है। इसे करने के लिए पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधों के पास रखा जाता है और फिर सांस लेते हुए सिर तथा छाती को ऊपर उठाया जाता है। इस दौरान नाभि तक का हिस्सा जमीन से लगा रहता है। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे वापस आना चाहिए। इससे कमर के निचले हिस्से में रक्त संचार बेहतर होता है और पीठ की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।

शशांकासन से मिलता है आराम

यदि पीठ में खिंचाव या तनाव महसूस हो रहा हो तो शशांकासन काफी राहत दे सकता है। वज्रासन में बैठकर शरीर को आगे की ओर झुकाया जाता है और माथे को जमीन से लगाया जाता है। हाथों को आगे फैलाकर कुछ देर तक सामान्य सांस लेते हुए इसी अवस्था में रहने से पीठ की मांसपेशियों पर हल्का खिंचाव आता है और कमर को आराम मिलता है।

सेतु बंधासन कम करता है कमर पर दबाव

सेतु बंधासन में पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ा जाता है और सांस लेते हुए कूल्हों को ऊपर उठाया जाता है। कंधे और पैर जमीन पर टिके रहते हैं। यह आसन रीढ़ को सहारा देने वाली मांसपेशियों को सक्रिय करता है और कमर के निचले हिस्से पर पड़ने वाला दबाव कम करने में मदद करता है।

मकरासन से मिलती है गहरी शिथिलता

मकरासन एक आरामदायक योगासन है जिसे पीठ दर्द होने पर आसानी से किया जा सकता है। पेट के बल लेटकर हाथों को मोड़कर माथा या ठुड्डी उन पर टिकाई जाती है और पूरे शरीर को ढीला छोड़ दिया जाता है। कुछ मिनट तक इस स्थिति में रहने से कमर की मांसपेशियों को गहरा आराम मिलता है और तनाव कम होता है।

पवनमुक्तासन से कम होती है जकड़न

पवनमुक्तासन में पीठ के बल लेटकर एक-एक घुटने को छाती की ओर खींचा जाता है और हाथों से पकड़कर कुछ सेकंड तक रोका जाता है। इससे कमर के निचले हिस्से में हल्का खिंचाव आता है और जकड़न कम होने में मदद मिलती है।

योगासन करते समय रखें सावधानी

पीठ दर्द में योग करते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। हर आसन को धीरे-धीरे और नियंत्रित गति से करना बेहतर होता है। यदि किसी आसन के दौरान दर्द बढ़ने लगे तो तुरंत रुक जाना चाहिए। जिन लोगों को पुराना या गंभीर कमर दर्द, स्लिप डिस्क या रीढ़ से जुड़ी अन्य समस्या हो, उन्हें विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही योगासन करना चाहिए।

रोजाना 15 से 20 मिनट का अभ्यास हो सकता है फायदेमंद

मार्जरी-व्याघ्रासन, भुजंगासन, शशांकासन, सेतु बंधासन, पवनमुक्तासन और मकरासन जैसे योगासन रोजाना 15 से 20 मिनट तक किए जाएं तो पीठ की मांसपेशियों को आराम मिल सकता है। नियमित अभ्यास से रीढ़ की लचक बनी रहती है और कमर के दर्द की समस्या में धीरे-धीरे राहत महसूस हो सकती है।


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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी योग और आयुर्वेद से संबंधित सामान्य जानकारियों, परंपरागत मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। जीवांजलि इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए किसी योग्य चिकित्सक, योग विशेषज्ञ या आयुर्वेदाचार्य से परामर्श अवश्य लें।

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