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Badrinath Dham: भारत के इस धाम पर शंख बजाना है वर्जित, जानें क्या है खास वजह

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Badrinath Dham: भगवान विष्णु की पूजा कार्तिक माह में बहुत ही विशेष माना गया है। इसके साथ ही इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा करने का महत्व भी बहुत ज्यादा होता है।

Badrinath Dham
Badrinath Dham: भगवान विष्णु की पूजा कार्तिक माह में बहुत ही विशेष माना गया है। इसके साथ ही इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा करने का महत्व भी बहुत ज्यादा होता है। आज हम आपको उनके सबसे प्रसिद्ध तीर्थ बद्रीनाथ धाम मंदिर से जुड़ी एक खास बात बताएंगे। बता दें कि हिंदू धर्म में चार धाम यात्राओं में से एक बद्रीनाथ धाम मंदिर की यात्रा भी शामिल है। बद्रीनाथ धाम मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध विष्णु मंदिरों में से एक है।
 
Badrinath Dham
बद्रीनाथ धाम मंदिर में प्रत्येक साल लाखों विष्णु भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। यह मंदिर देवभूमि उत्तराखंड राज्य में है। वैसे तो हिंदू धर्म में सभी वैष्णव मंदिरों में आरती के दौरान शंखनाद किया जाता है। लेकिन यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां शंखनाद बिल्कुल नहीं किया जाता। आइए जानते हैं इतने बड़े विष्णु धाम में शंख क्यों नहीं बजाया जाता।

शंख न बजाने का कारण

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बद्रीनाथ धाम में शंख बजाने के पीछे एक कारण है। पौराणिक और धार्मिक ग्रंथों के लिए बद्रीनाथ धाम मंदिर के प्रांगण जिसे तुलसी भवन कहा जाता है। एक बार लक्ष्मी जी वहां ध्यान मुद्रा में थीं। उस समय भगवान विष्णु ने शंखचूर्ण नामक राक्षस का वध किया था। जब लक्ष्मी जी ध्यान में बैठी थीं तो भगवान विष्णु ने सोचा कि उनके ध्यान में कोई विघ्न न आए। इसी कारण उन्होंने राक्षस शंखचूर्ण का वध करने के बाद शंख नहीं बजाया था। हिंदू धर्म में कहा जाता है कि किसी भी युद्ध में जीत के बाद शंख बजाया जाता है।

Badrinath Dham

बद्रीनाथ धाम की महिमा

हिंदू धर्म में चारों धामों के दर्शन का महत्व बताया गया है। जिनमें से एक बद्रीनाथ धाम है, जो उत्तराखंड राज्य में आता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि जो भी यहां भक्ति भाव से दर्शन के लिए जाता है। उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की कृपा से उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। यह तीर्थ बहुत ही पवित्र माना जाता है। एक समय में भगवान विष्णु ने उस स्थान पर घोर तपस्या की थी, जहां आज बद्रीनाथ मंदिर है। इसलिए माना जाता है कि यहां भगवान विष्णु साक्षात निवास करते हैं।

 
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