Religious Event: ‘जीवनजली : विचारों से बदलाव तक’ कार्यक्रम का उद्देश्य आध्यात्मिक विचारों, संवाद और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से लोगों को जीवन के मूल्यों से जोड़ना है।
Agra Religious Event: आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच आध्यात्मिकता, भक्ति, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर आगरा में मिलने जा रहा है। अमर उजाला और कृष्णा, कच्ची घानी सरसों तेल की ओर से ‘जीवनजली : विचारों से बदलाव तक’ कार्यक्रम का आयोजन 5 अक्टूबर को आगरा के सूरसदन में किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रख्यात आध्यात्मिक वक्ता एवं कथावाचिका देवी चित्रलेखा लोगों से संवाद करेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5 बजे से होगी।
कार्यक्रम के दौरान देवी चित्रलेखा भक्ति, संस्कार, पारिवारिक मूल्यों और जीवन में सकारात्मक बदलाव जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगी। आध्यात्मिक संदेशों के साथ जीवन से जुड़े प्रसंगों और भक्ति संगीत के माध्यम से लोगों को जीवन के सकारात्मक पक्ष से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
बचपन से शुरू हुआ आध्यात्मिक सफर
देवी चित्रलेखा का आध्यात्मिक सफर बचपन से ही शुरू हो गया था। उनका जन्म 19 जनवरी 1997 को हरियाणा के पलवल जिले के खंबी गांव में हुआ था। बताया जाता है कि चार वर्ष की आयु में उन्होंने श्री गिरधारी दास के मार्गदर्शन में गौड़ीय वैष्णव परंपरा की दीक्षा ली। छह वर्ष की उम्र में बरसाना में उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रवचन किया और सात वर्ष की आयु से श्रीमद्भागवत कथा का वाचन शुरू किया।
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समय के साथ उन्होंने देश-विदेश में श्रीमद्भागवत कथा और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक भक्ति और आध्यात्मिकता का संदेश पहुंचाया। उनके कार्यों में गौसेवा भी प्रमुख रूप से शामिल रही है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर भी बड़ी संख्या में लोग उनके प्रवचनों और आध्यात्मिक संदेशों से जुड़े हैं।
विचार और आध्यात्मिक संवाद का मिलेगा अवसर
‘जीवनजली : विचारों से बदलाव तक’ कार्यक्रम का उद्देश्य आध्यात्मिक विचारों, संवाद और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से लोगों को जीवन के मूल्यों से जोड़ना है। कार्यक्रम में देवी चित्रलेखा के विचारों को सुनने और उनसे आध्यात्मिक एवं पारिवारिक जीवन से जुड़े विषयों पर संवाद का अवसर मिलेगा। 5 अक्टूबर को शाम 5 बजे सूरसदन में होने वाले इस कार्यक्रम में लोग देवी चित्रलेखा जी को सुनने के लिए आमंत्रित हैं।