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Anant Chaturdashi 2026: अनंत चतुर्दशी पर पुरुष और महिलाएं किस हाथ में बांधें अनंत सूत्र? जानें धार्मिक महत्व

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Anant Chaturdashi 2026: महिलाओं के लिए अनंत सूत्र बाएं हाथ में बांधने की परंपरा है। खासतौर पर विवाहित महिलाएं इसे बाईं भुजा या कलाई पर धारण करती हैं। 

Anant Chaturdashi 2026:
Anant Chaturdashi 2026: अनंत चतुर्दशी का पर्व भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा और अनंत सूत्र धारण करने के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन पूजा के बाद श्रद्धालु हाथ में 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधते हैं। मान्यता है कि यह सूत्र भगवान अनंत के प्रति श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक है। हालांकि, अनंत सूत्र बांधते समय सबसे ज्यादा सवाल इसके सही हाथ को लेकर होता है। पुरुष इसे दाहिने हाथ में बांधते हैं, जबकि महिलाओं के लिए बाएं हाथ में धारण करने की परंपरा बताई गई है। क्या आपको पता है कि पुरुषों और महिलाओं के लिए यह नियम अलग क्यों माना जाता है? आइए जानते हैं।

पुरुष किस हाथ में बांधें अनंत सूत्र?

धार्मिक परंपरा के अनुसार पुरुषों को अनंत सूत्र दाहिने हाथ में धारण करना चाहिए। पूजा के बाद इसे दाहिनी भुजा या कलाई पर बांधने की परंपरा है। इसे भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप के प्रति आस्था और संकल्प के रूप में देखा जाता है। कई धार्मिक परंपराओं में पुरुषों के लिए धार्मिक अनुष्ठानों में दाहिने हाथ को प्रधान माना गया है।

महिलाएं किस हाथ में बांधें?

महिलाओं के लिए अनंत सूत्र बाएं हाथ में बांधने की परंपरा है। खासतौर पर विवाहित महिलाएं इसे बाईं भुजा या कलाई पर धारण करती हैं। धार्मिक मान्यताओं में स्त्रियों के लिए बाएं पक्ष को सौभाग्य और गृहस्थ जीवन से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इसे धारण करने की परंपरा थोड़ी अलग भी हो सकती है। 

कुंवारी कन्याएं किस हाथ में बांधें?

कुंवारी कन्याओं के लिए कई परंपराओं में अनंत सूत्र दाहिने हाथ में बांधने की बात कही गई है। कुछ धार्मिक स्रोत पुरुषों और कुंवारी कन्याओं के लिए दाहिने हाथ तथा विवाहित महिलाओं के लिए बाएं हाथ की परंपरा बताते हैं। इसलिए इस मामले में अपने परिवार या क्षेत्र में चली आ रही परंपरा को प्राथमिकता देना उचित माना जाता है। 

क्या होता है अनंत सूत्र?

अनंत सूत्र सामान्य धागे से अलग धार्मिक अनुष्ठान के लिए तैयार किया जाता है। इसे आमतौर पर सूती या रेशमी धागे से बनाया जाता है और इसमें 14 गांठें लगाई जाती हैं। कई परंपराओं में इसे हल्दी या कुमकुम से रंगने का भी उल्लेख मिलता है। पूजा के दौरान इसे भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप को अर्पित करने के बाद धारण किया जाता है।

14 गांठों का क्या है महत्व?

अनंत सूत्र में लगी 14 गांठों को धार्मिक मान्यता में 14 लोकों का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि अनंत चतुर्दशी की पूजा में 14 गांठों वाले सूत्र को विशेष स्थान दिया गया है। इन गांठों के माध्यम से भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप का स्मरण किया जाता है। भक्त अनंत सूत्र धारण करते समय सुख-शांति, समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना करते हैं। 

पूजा के बाद ही धारण करें अनंत सूत्र

अनंत सूत्र को पूजा के बाद विधिपूर्वक धारण करने की परंपरा है। पूजा के दौरान भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप का ध्यान किया जाता है और फिर सूत्र को हाथ में बांधा जाता है। कई परिवारों में इसे घर के बड़े सदस्य या पुरोहित द्वारा बांधने की परंपरा भी है। सूत्र धारण करते समय श्रद्धा और संकल्प को महत्वपूर्ण माना जाता है।


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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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