Yoga Tips: आजकल कई लोगों को लंबे समय तक खड़े रहकर काम करना पड़ता है। शिक्षक हों, दुकानदार, सुरक्षाकर्मी या ऑफिस में लगातार खड़े रहकर काम करने वाले कर्मचारी, दिन के अंत तक पैरों में दर्द, भारीपन और थकान महसूस होना आम बात है। कई बार पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव भी होने लगता है, जिससे आराम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि कुछ आसान योगासन पैरों की मांसपेशियों को आराम देने और शरीर की अकड़न कम करने में मदद कर सकते हैं? आइए जानते हैं लंबे समय तक खड़े रहने से होने वाले पैरों के दर्द में राहत पाने के लिए कौन से योगासन किए जा सकते हैं।
ताड़ासन
ताड़ासन शरीर का संतुलन सुधारने और पैरों की मांसपेशियों को सक्रिय करने वाला आसान योगासन है। इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें। अब धीरे-धीरे दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं और हथेलियों को आपस में मिला लें। अपनी एड़ियों को आरामदायक सीमा तक उठाते हुए पंजों पर संतुलन बनाने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इस स्थिति में रहने के बाद सामान्य अवस्था में लौट आएं। शुरुआत में इसे 3 से 5 बार कर सकते हैं। संतुलन बनाने में परेशानी हो तो एड़ियां जमीन पर रखकर अभ्यास करें।
पवनमुक्तासन
पवनमुक्तासन शरीर को आराम देने और पैरों की मांसपेशियों में होने वाले खिंचाव को कम करने में सहायक हो सकता है। इसे करने के लिए पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं। अब एक घुटने को मोड़कर छाती की तरफ लाएं और दोनों हाथों से उसे हल्के से पकड़ें। कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहें और फिर पैर सीधा कर लें। यही प्रक्रिया दूसरे पैर के साथ दोहराएं। प्रत्येक पैर से 3 से 5 बार अभ्यास कर सकते हैं। घुटनों या कमर में परेशानी होने पर इसे सावधानी से करें और दर्द बढ़ने पर अभ्यास रोक दें।
विपरीत करणी
लंबे समय तक खड़े रहने के बाद पैरों में भारीपन महसूस हो तो विपरीत करणी आराम देने वाला अभ्यास हो सकता है। इसे करने के लिए दीवार के पास पीठ के बल लेट जाएं और दोनों पैरों को दीवार के सहारे ऊपर उठा लें। हाथों को शरीर के दोनों तरफ आराम से रखें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। शुरुआत में 3 से 5 मिनट इस अवस्था में रह सकते हैं। इससे पैरों को आराम देने और थकान कम महसूस करने में मदद मिल सकती है। यदि इस स्थिति में कमर या पैरों में दर्द बढ़े तो तुरंत सामान्य अवस्था में आ जाएं।
बद्ध कोणासन
बद्ध कोणासन पैरों के अंदरूनी हिस्से और कूल्हों के आसपास की मांसपेशियों को खिंचाव देने में मदद करता है। इसे करने के लिए जमीन पर बैठ जाएं और दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिला लें। एड़ियों को शरीर की तरफ आरामदायक दूरी तक लाएं और घुटनों को धीरे-धीरे बाहर की तरफ ढीला छोड़ दें। रीढ़ को सीधा रखें और कुछ देर सामान्य सांस लेते रहें। इस दौरान घुटनों को जबरदस्ती नीचे दबाने से बचें। शुरुआत में 20 से 30 सेकंड अभ्यास करना पर्याप्त है।
शवासन
दिनभर खड़े रहने के बाद शरीर को आराम देना भी जरूरी है। शवासन के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएं और पैरों को थोड़ा अलग रखें। दोनों हाथों को शरीर से थोड़ी दूरी पर रखकर आंखें बंद कर लें। अब धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें। इस अवस्था में 5 से 10 मिनट तक आराम करें। इससे शरीर को आराम देने, तनाव कम करने और दिनभर की थकान से उबरने में मदद मिल सकती है।
योग करते समय रखें ध्यान
लंबे समय तक खड़े रहने से होने वाली थकान में योग के साथ कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। काम के बीच थोड़ी देर बैठें, पैरों को आराम दें और समय-समय पर टखनों को धीरे-धीरे घुमाएं। आरामदायक जूते पहनें और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में खड़े रहने से बचें। योगासन करते समय किसी भी तरह के तेज दर्द या असहजता को नजरअंदाज न करें। यदि पैरों में लगातार दर्द, सूजन, सुन्नपन या एक पैर में अचानक दर्द और सूजन हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। अचानक एक पैर में सूजन के साथ सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी योग और आयुर्वेद से संबंधित सामान्य जानकारियों, परंपरागत मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। जीवांजलि इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए किसी योग्य चिकित्सक, योग विशेषज्ञ या आयुर्वेदाचार्य से परामर्श अवश्य लें।)