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Meditation Tips: सुबह का ध्यान ज्यादा असरदार या रात का? जानें किस समय मेडिटेशन करने से मन होता है सबसे शांत

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Meditation Tips: अगर आप सुबह ध्यान करना चाहते हैं तो उठने के बाद कुछ समय अपने लिए निकाल सकते हैं। स्नान के बाद या उससे पहले, अपनी सुविधा के अनुसार शांत जगह पर बैठकर ध्यान किया जा सकता है। 

Meditation Tips
Meditation Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मन को शांत रखना आसान नहीं है। काम, घर और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच कई बार दिमाग लगातार किसी न किसी बात में उलझा रहता है। ऐसे में मेडिटेशन यानी ध्यान को मन को शांत करने का एक सरल तरीका माना जाता है, लेकिन जब ध्यान करने की बात आती है तो एक सवाल अक्सर मन में आता है कि आखिर ध्यान सुबह करना ज्यादा फायदेमंद है या रात को? क्या सुबह का शांत वातावरण ध्यान के लिए बेहतर होता है या रात में सोने से पहले ध्यान करने से मन ज्यादा स्थिर हो पाता है? अगर आपके मन में भी यही सवाल है तो आइए जानते हैं सुबह और रात के ध्यान में क्या अंतर है और किस समय ध्यान करना आपके लिए बेहतर हो सकता है।

सुबह का समय क्यों माना जाता है खास

सुबह का समय ध्यान के लिए काफी उपयुक्त माना जाता है। खासकर सूर्योदय से पहले या उसके आसपास का समय शांत वातावरण वाला होता है। इस समय आसपास शोर कम होता है और दिनभर की भागदौड़ भी शुरू नहीं हुई होती, इसलिए मन को एक जगह केंद्रित करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। सुबह उठने के बाद ध्यान करने से दिन की शुरुआत शांत मन से करने की आदत बन सकती है। इस समय व्यक्ति के दिमाग में दिनभर के काम, बातचीत और दूसरी जिम्मेदारियों का दबाव भी कम होता है। यही वजह है कि योग और ध्यान की कई परंपराओं में सुबह के समय को विशेष महत्व दिया गया है।

सुबह ध्यान करने का सही तरीका

अगर आप सुबह ध्यान करना चाहते हैं तो उठने के बाद कुछ समय अपने लिए निकाल सकते हैं। स्नान के बाद या उससे पहले, अपनी सुविधा के अनुसार शांत जगह पर बैठकर ध्यान किया जा सकता है। ध्यान के लिए रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए आरामदायक मुद्रा में बैठें। आंखें बंद करके अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। सांस को सामान्य रखें और मन में आने वाले विचारों को जबरदस्ती रोकने की कोशिश न करें। शुरुआत में 5 से 10 मिनट का ध्यान भी पर्याप्त हो सकता है। अभ्यास बढ़ने के साथ समय को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।

रात में ध्यान करने के फायदे

जिन लोगों को सुबह समय नहीं मिल पाता, उनके लिए रात का समय भी ध्यान के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। दिनभर के काम खत्म होने के बाद जब व्यक्ति शांत वातावरण में बैठता है, तो वह अपने मन को दिनभर की व्यस्तता से अलग करने की कोशिश कर सकता है। रात में सोने से पहले कुछ देर शांत होकर ध्यान करने से मन को आराम देने में मदद मिल सकती है। खासकर ऐसे लोगों के लिए यह समय सुविधाजनक हो सकता है, जिनका दिन काफी व्यस्त रहता है और सुबह जल्दी उठकर ध्यान करना संभव नहीं होता।

सोने से पहले कैसे करें ध्यान 

रात में ध्यान करते समय ऐसी जगह चुनें जहां शोर कम हो। बिस्तर पर लेटने के बजाय आरामदायक स्थिति में बैठकर ध्यान करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि लेटते ही नींद आने की संभावना बढ़ सकती है। कुछ मिनट आंखें बंद करके धीरे-धीरे सांस लेने और छोड़ने पर ध्यान दें। दिनभर में हुई घटनाओं को बार-बार याद करने के बजाय अपना ध्यान वर्तमान क्षण पर रखने की कोशिश करें। अगर नींद आने लगे तो ध्यान को वहीं समाप्त करके आराम किया जा सकता है।

सुबह और रात में कौन-सा समय बेहतर?

सुबह और रात में से किसी एक समय को हर व्यक्ति के लिए सबसे बेहतर नहीं कहा जा सकता। ध्यान का असर इस बात पर भी निर्भर करता है कि व्यक्ति किस समय नियमित रूप से और बिना जल्दबाजी के ध्यान कर पाता है। अगर सुबह आपके पास शांत वातावरण में बैठने का समय है और उस समय मन ज्यादा स्थिर रहता है, तो सुबह का ध्यान आपके लिए बेहतर हो सकता है। वहीं अगर सुबह जल्दी उठना मुश्किल है और रात में काम खत्म होने के बाद आपको शांति मिलती है, तो रात का समय चुना जा सकता है।

नियमितता सबसे जरूरी

ध्यान में समय से ज्यादा जरूरी नियमितता मानी जाती है। रोज एक ही समय पर कुछ मिनट ध्यान करने की आदत बनाना ज्यादा उपयोगी हो सकता है। एक दिन सुबह और दूसरे दिन रात को ध्यान करने के बजाय अपनी दिनचर्या के अनुसार एक सुविधाजनक समय तय करना बेहतर रहता है। शुरुआत करने वाले लोग 5 से 10 मिनट से ध्यान शुरू कर सकते हैं। धीरे-धीरे इसे अपनी सुविधा के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। ध्यान के दौरान मोबाइल फोन को दूर रखना और शांत स्थान चुनना भी अभ्यास को आसान बना सकता है।

किसे सुबह ध्यान करना चाहिए?

अगर आप सुबह जल्दी उठते हैं, दिन की शुरुआत शांत तरीके से करना चाहते हैं और सुबह आपके आसपास कम शोर रहता है, तो यह समय आपके लिए अच्छा हो सकता है। सुबह का ध्यान उन लोगों के लिए भी सुविधाजनक हो सकता है जो दिनभर व्यस्त रहते हैं और बाद में समय निकालना मुश्किल होता है।

किसे रात में ध्यान करना चाहिए?

जिन लोगों की सुबह व्यस्त रहती है या जिन्हें सुबह ध्यान के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता, वे रात में ध्यान कर सकते हैं। दिनभर की जिम्मेदारियों के बाद कुछ समय शांत बैठना उनके लिए सुविधाजनक हो सकता है। इसलिए सुबह का ध्यान ज्यादा असरदार है या रात का, इसका जवाब व्यक्ति की दिनचर्या और सुविधा पर निर्भर करता है। अगर सुबह मन शांत रहता है तो सुबह ध्यान करें और अगर रात में ज्यादा सुकून मिलता है तो सोने से पहले ध्यान का समय तय किया जा सकता है।


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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी योग और आयुर्वेद से संबंधित सामान्य जानकारियों, परंपरागत मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। जीवांजलि इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए किसी योग्य चिकित्सक, योग विशेषज्ञ या आयुर्वेदाचार्य से परामर्श अवश्य लें।)

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