Brahma Ji Story : सनातन धर्म में कई सारे ऐसे रोचक प्रसंग हैं, जिन्हें बहुत कम ही लोग जानते हैं। उन्हीं प्रसंगों में से आज एक ऐसे प्रसंग आप लोगों के बीच साझा करने वाले हैं, जिन्हें पढ़कर आप हैरान हो सकते हैं।
Brahma Ji Story : सनातन धर्म में कई सारे ऐसे रोचक प्रसंग हैं, जिन्हें बहुत कम ही लोग जानते हैं। उन्हीं प्रसंगों में से आज एक ऐसे प्रसंग आप लोगों के बीच साझा करने वाले हैं, जिन्हें पढ़कर आप हैरान हो सकते हैं। जी हां आज इस प्रसंग में ब्रह्मा जी और मां सरस्वती के विवाह से संबंधित कुछ रोचक तथ्य बताने वाले हैं। बता दें कि इस प्रसंग का उल्लेख सरस्वती पुराण में भी किया गया है। इस प्रसंग के मुताबिक, मां सरस्वती जी ब्रह्मा जी की बेटी थीं। बेटी होने के बावजूद भी ब्रह्मा जी ने सरस्वती जी से शादी कर ली थी। लेकिन क्या आपको पता है आखिर ब्रह्मा जी ने अपनी ही बेटी से शादी क्यों की थी, क्या था इसके पीछे का कारण क्या हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
विद्या की देवी है सरस्वती जी
धार्मिक और पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, मां सरस्वती को विद्या की देवी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना के बाद सरस्वती जी को अपने तेज से उत्पन्न किया था। इसलिए कहा जाता है कि देवी सरस्वती जी की कोई मां नहीं थीं। ग्रंथों के अनुसार, सरस्वती जी देखने में बहुत ही ज्यादा खूबसूरत और आकर्षक थीं। इनकी खूबसूरती और आकर्षण से स्वयं ब्रह्मा जी भी नहीं बच पाएं। ऐसे में ब्रह्मा जी ने सरस्वती जी को अपनी अर्धांगिनी बनाने के बारे में सोचने लगे।
सरस्वती जी को इस वजह से करना पड़ा था विवाह
सरस्वती पुराण के अनुसार, सरस्वती जी ने ब्रह्मा जी की मनोकामना को अच्छे से भांप लिया था। ऐसे में सरस्वती जी अपने पिता से विवाह नहीं करना चाहती थीं। वह ब्रह्मा जी की नजरों से बचने का बहुत ज्यादा प्रयास करने लगीं। लेकिन सरस्वती जी के सारे प्रयास असफल रहें। अंत में सरस्वती जी को ब्रह्मा जी से विवाह करना ही पड़ा। कहा जाता है कि ब्रह्मा जी और सरस्वती जी के विवाह को लेकर सृष्टि में काफी हलचल भी हुई थी। साथ ही इसकी खूब चर्चा भी हुई।