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Pithori Amavasya 2026: पिठोरी अमावस्या पर जरूर करें इन चीजों का दान, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Pithori Amavasya 2026: पिठोरी अमावस्या पर अन्न दान करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति को गेहूं, चावल, दाल, आटा या अन्य खाद्य सामग्री अपनी क्षमता के अनुसार दान की जा सकती है। 

Pithori Amavasya 2026
Pithori Amavasya 2026: भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि को पिठोरी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन माताएं संतान की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत और पूजा करती हैं। अमावस्या होने के कारण इस दिन पितरों के लिए तर्पण, प्रार्थना और दान-पुण्य करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि पिठोरी अमावस्या पर श्रद्धा से किया गया दान पितरों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक माध्यम है और इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इस दिन दान करते समय कई लोग सोचते हैं कि आखिर किन चीजों का दान करना अधिक शुभ माना जाता है? क्या अन्न, वस्त्र और तिल का दान किया जा सकता है? क्या जरूरतमंद को भोजन कराने का भी विशेष महत्व है? आइए जानते हैं पिठोरी अमावस्या पर किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है।

2026 में कब है पिठोरी अमावस्या

पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में पिठोरी अमावस्या 10 सितंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि 10 सितंबर को सुबह 10 बजकर 33 मिनट से शुरू होकर 11 सितंबर को सुबह 8 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। तिथि के अनुसार पिठोरी अमावस्या का व्रत और प्रमुख धार्मिक कार्य 10 सितंबर को किए जाएंगे।

अन्न का करें दान

पिठोरी अमावस्या पर अन्न दान करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति को गेहूं, चावल, दाल, आटा या अन्य खाद्य सामग्री अपनी क्षमता के अनुसार दान की जा सकती है। धार्मिक मान्यता में अन्न को जीवन का आधार माना गया है। इसलिए किसी जरूरतमंद परिवार को भोजन या राशन उपलब्ध कराना सेवा और दान का महत्वपूर्ण रूप माना जाता है। पितरों की स्मृति में अन्न दान करने की भी परंपरा है। 

काले तिल का दान

अमावस्या पर काले तिल का विशेष महत्व माना जाता है। पितरों के लिए किए जाने वाले तर्पण में भी काले तिल का इस्तेमाल किया जाता है। पिठोरी अमावस्या पर जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल का दान किया जा सकता है। धार्मिक परंपराओं में काले तिल को पितृ कर्म से जोड़ा गया है। इस दिन जल में काले तिल मिलाकर पितरों को अर्पित करने की परंपरा भी कई परिवारों में प्रचलित है।

वस्त्रों का करें दान

पिठोरी अमावस्या पर जरूरतमंद व्यक्ति को वस्त्र दान करना भी शुभ माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार नए या उपयोगी कपड़े किसी गरीब या जरूरतमंद को दिए जा सकते हैं। मान्यता है कि अमावस्या के दिन जरूरतमंद की सहायता करने से पुण्य की प्राप्ति होती है, इसलिए दान में ऐसी वस्तुएं देना बेहतर माना जाता है, जिनका सामने वाले व्यक्ति के लिए वास्तव में उपयोग हो सके। 

जरूरतमंद को भोजन कराएं

इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना भी दान का सरल और महत्वपूर्ण तरीका माना जाता है। घर पर सात्विक भोजन बनाकर जरूरतमंद को खिलाया जा सकता है। पिठोरी अमावस्या पर भोजन का दान करते समय पितरों का स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने की परंपरा भी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सामर्थ्य के अनुसार किया गया दान ही महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इसके लिए बहुत अधिक खर्च करना जरूरी नहीं है। 

गुड़ और अनाज का दान

पिठोरी अमावस्या पर गुड़ और अनाज का दान भी किया जा सकता है। चावल, गेहूं, दाल और गुड़ जैसी खाद्य सामग्री जरूरतमंदों को देना दान की परंपरा का हिस्सा माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति बड़ी मात्रा में दान करने में सक्षम नहीं है, तो थोड़ी मात्रा में भी श्रद्धा के साथ दान किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता में दान का महत्व वस्तु की कीमत से अधिक श्रद्धा और सेवा की भावना से जोड़ा जाता है।

पितरों के नाम से करें दान

पिठोरी अमावस्या अमावस्या तिथि होने के कारण पितरों के स्मरण और तर्पण के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन पितरों के नाम से जल और काले तिल अर्पित करने के साथ जरूरतमंद को भोजन, अन्न या वस्त्र का दान किया जा सकता है। अगर परिवार में पितृ तर्पण या श्राद्ध की कोई विशेष परंपरा चली आ रही है, तो उसी के अनुसार धार्मिक कर्म करना उचित माना जाता है।

दान करते समय रखें यह बात

पिठोरी अमावस्या पर दान अपनी क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए। दान किसी जरूरतमंद व्यक्ति, गरीब परिवार या ऐसे व्यक्ति को किया जा सकता है जिसे वास्तव में उसकी आवश्यकता हो। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बिना दिखावे और श्रद्धा से किया गया दान अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। पिठोरी अमावस्या पर अन्न, काले तिल, वस्त्र, अनाज, गुड़ और भोजन का दान करने की परंपरा है। मान्यता है कि इस तरह पितरों का स्मरण करने और जरूरतमंदों की सहायता करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। 


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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।) 

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