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Sawan First Somwar: कब है सावन का पहला सोमवार, जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
कोमल शर्मा
सार

Sawan First Somwar: हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना बहुत पवित्र माना जाता है। इस महीने के सभी सोमवार खास महत्व रखते हैं, लेकिन सावन का पहला सोमवार सबसे शुभ माना जाता है।

Sawan First Somwar:
Sawan First Somwar: हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना बहुत पवित्र माना जाता है। इस महीने के सभी सोमवार खास महत्व रखते हैं, लेकिन सावन का पहला सोमवार सबसे शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सही रीति-रिवाजों के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने, जलाभिषेक करने और व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अविवाहित लोगों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है, जबकि विवाहित जोड़ों के वैवाहिक जीवन में खुशहाली, समृद्धि और प्यार बढ़ता है। साथ ही, भगवान शिव की कृपा से बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में खुशी, शांति और समृद्धि आती है। आइए जानते हैं कि 2026 में सावन का पहला सोमवार कब है और इससे जुड़ी पूजा-विधि क्या है।

 

Shivling Ki Utpatti

सावन का पहला सोमवार कब है?

वैदिक कैलेंडर के अनुसार, सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त, शुक्रवार को समाप्त होगा। सावन के इस महीने में कुल चार सोमवार होंगे। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है।

शाम के समय का शुभ मुहूर्त

सूर्यास्त का समय: शाम 7:12 बजे
अमृत चौघड़िया: शाम 5:30 बजे से शाम 7:12 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 6:26 बजे से शाम 7:56 बजे तक

 

Shivling Ki Utpatti

सावन सोमवार व्रत और पूजा की विधि

सावन के पहले सोमवार को सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
इसके बाद, घर के पूजा स्थल या शिव मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें।
सबसे पहले शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल चढ़ाएं।
इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और चीनी का उपयोग करके पंचामृत अभिषेक करें।
इसके बाद, साफ पानी से शिवलिंग का फिर से अभिषेक करें।
भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल, चंदन का लेप, अक्षत और मौसमी फल चढ़ाएं।
पूजा के दौरान पूरी श्रद्धा के साथ "ओम नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
 इसके अलावा, शिव चालीसा, रुद्राष्टक या शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ करें। 
पूजा का समापन धूप और दीपक जलाकर तथा भगवान शिव की आरती करके करें
साथ ही, अपने परिवार की खुशी, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करें और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करें।

सावन का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन से जुड़ा है। कहा जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार कर लिया। इसलिए, सावन के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती दोनों की पूजा का विशेष महत्व है। शिव पुराण में भी सावन के महीने की महिमा का वर्णन किया गया है; इसमें कहा गया है कि इस महीने में भगवान शिव का ध्यान करने, मंत्रों का जाप करने, दान-पुण्य करने और उनकी पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। भक्तों का मानना है कि जो लोग सावन में सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करते हैं, उन पर वे अपनी कृपा बरसाते हैं।

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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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