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Yam Deepak: यमराज के नाम का दीपक जलाते समय क्या बोलना चाहिए? जानें मंत्र और नियम

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Yam Deepak: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नरक चतुर्दशी की शाम यमराज के नाम का दीपक जलाते समय विशेष मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। दीपक जलाते समय इस मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं।

Yam Deepak
Yam Deepak: दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली और यम चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन घर के बाहर यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि यमराज के निमित्त दीपदान करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार के सदस्यों को लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है। लेकिन क्या आपको पता है कि यमराज के नाम का दीपक जलाते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए? दीपक किस दिशा में रखना चाहिए और इसे जलाने का सही तरीका क्या है? आइए जानते हैं यम दीपक से जुड़े मंत्र और जरूरी नियम।

यम दीपक का मंत्र

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नरक चतुर्दशी की शाम यमराज के नाम का दीपक जलाते समय विशेष मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। दीपक जलाते समय इस मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं।

मंत्र:
मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह।
त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतामिति॥


इस मंत्र के माध्यम से यमराज से परिवार की सुख-समृद्धि और सदस्यों की लंबी आयु की कामना की जाती है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक दीपदान करने से यमराज प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं।

यम दीपक जलाने की सही विधि

यम दीपक जलाने के लिए मिट्टी या आटे का चौमुखी दीपक लिया जाता है। इसमें सरसों का तेल या तिल का तेल डालकर चारों दिशाओं में बातियां लगाई जाती हैं। इसके बाद दीपक को जलाकर घर के मुख्य दरवाजे के बाहर रखा जाता है। दीपक जलाने से पहले रोली, अक्षत और फूल अर्पित करके यमराज का ध्यान करना चाहिए। इसके बाद हाथ जोड़कर परिवार की रक्षा और सभी सदस्यों की लंबी आयु की प्रार्थना करनी चाहिए।

किस दिशा में रखें यम दीपक?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमराज को दक्षिण दिशा का स्वामी माना जाता है। इसलिए यम दीपक को घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखना शुभ माना जाता है। दीपक रखते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसकी लौ दक्षिण दिशा की ओर रहे। दीपक को ऐसी जगह रखें जहां वह सुरक्षित रहे और किसी के पैर से बुझने या गिरने का डर न हो।

दीपक जलाते समय बोलें यह मंत्र

यम दीपक जलाने के बाद यमराज को समर्पित करते हुए इस मंत्र का जाप करना चाहिए। अगर किसी को संस्कृत मंत्र का उच्चारण करने में परेशानी होती है तो वह सरल शब्दों में भी अपनी प्रार्थना कर सकता है।

मंत्र:

ॐ यमदेवाय नमः।

इसके बाद हाथ जोड़कर कहें कि हे सूर्यपुत्र यमराज, हमारे परिवार के सभी सदस्यों को स्वस्थ और दीर्घायु रखें। परिवार को अकाल मृत्यु के भय से बचाएं और सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।

यम दीपक जलाते समय न करें ये गलतियां

यम दीपक जलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। दीपक को जलाकर बीच में बुझाना शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए इसे सुरक्षित स्थान पर रखें और जलते हुए दीपक को अकेला न छोड़ें। दीपक जलाते समय मन में किसी के प्रति बुरी भावना न रखें। इस दौरान शांति और श्रद्धा के साथ यमराज का स्मरण करें। दीपक को कूड़ेदान या गंदगी वाली जगह के पास नहीं रखना चाहिए।

यम दीपदान का महत्व

धार्मिक मान्यता है कि यमराज के नाम का दीपक जलाने से परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है। इस दिन दीपदान करने का उद्देश्य परिवार के सदस्यों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करना है। मान्यता के अनुसार, यमराज की पूजा और दीपदान से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। यही वजह है कि दिवाली के पर्व में यम दीपदान की परंपरा को विशेष महत्व दिया जाता है।

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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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