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Chhoti Diwali: छोटी दिवाली पर किन दिशाओं में दीपक जलाना माना जाता है शुभ? जानिए नियम

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Narak Chaturdashi: छोटी दिवाली पर उत्तर दिशा में दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तर दिशा का संबंध कुबेर देव से माना जाता है, जो धन और संपत्ति के देवता हैं। 

छोटी दिवाली
Narak Chaturdashi: छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का त्योहार दीपों की रोशनी और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। इस दिन घर के अलग-अलग हिस्सों में दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि छोटी दिवाली पर सही दिशा में दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मकता दूर होती है। यही वजह है कि इस दिन लोग मुख्य द्वार से लेकर घर के आंगन और पूजा स्थल तक दीपक जलाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि छोटी दिवाली पर किस दिशा में दीपक जलाना सबसे शुभ माना जाता है और दीपक जलाते समय किन नियमों का ध्यान रखना चाहिए? आइए जानते हैं।

दक्षिण दिशा में जलाएं यम दीपक

नरक चतुर्दशी के दिन दक्षिण दिशा में दीपक जलाने का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन यमराज के नाम से दीपक जलाया जाता है, जिसे यम दीपक कहते हैं। इसे घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार के सदस्यों को लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है। यम दीपक जलाते समय उसमें सरसों का तेल और रुई की बाती का इस्तेमाल किया जाता है।

उत्तर दिशा में जलाएं दीपक

छोटी दिवाली पर उत्तर दिशा में दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तर दिशा का संबंध कुबेर देव से माना जाता है, जो धन और संपत्ति के देवता हैं। ऐसे में इस दिशा में दीपक जलाने से घर में आर्थिक सुख-समृद्धि बनी रहने की कामना की जाती है। आप घर के पूजा स्थल या किसी साफ स्थान पर उत्तर दिशा की ओर दीपक रख सकते हैं।

पूर्व दिशा में दीपक जलाने का महत्व

पूर्व दिशा को धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है। यह दिशा सूर्य देव से जुड़ी हुई है। छोटी दिवाली पर इस दिशा में दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली आने की मान्यता है। घर के मुख्य हिस्से या पूजा स्थल के आसपास पूर्व दिशा की ओर दीपक जलाया जा सकता है। इस दौरान ध्यान रखें कि दीपक सुरक्षित और साफ जगह पर रखा हो।

मुख्य द्वार पर जरूर जलाएं दीपक

नरक चतुर्दशी पर घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि दीपों से सजा मुख्य द्वार घर में सुख-समृद्धि और शुभता लेकर आता है। इस दिन मुख्य द्वार के दोनों ओर दीपक रखे जा सकते हैं। दीपक जलाते समय उनका मुख घर के अंदर या बाहर किस ओर हो, इसे लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग परंपराएं प्रचलित हैं। इसलिए अपने परिवार की परंपरा के अनुसार दीपक जलाना उचित माना जाता है।

घर के आंगन और पूजा स्थल पर जलाएं दीपक

छोटी दिवाली पर घर के आंगन, तुलसी के पौधे और पूजा स्थल के पास भी दीपक जलाने की परंपरा है। तुलसी के पास दीपक जलाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इससे घर में धार्मिक वातावरण बनता है और परिवार की सुख-शांति की कामना की जाती है। पूजा स्थल पर दीपक जलाते समय ध्यान रखें कि दीपक भगवान के सामने साफ स्थान पर रखा हो।

दीपक जलाते समय रखें इन बातों का ध्यान

नरक चतुर्दशी पर दीपक जलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। दीपक हमेशा साफ और अच्छी स्थिति में होना चाहिए। पूजा के लिए मिट्टी के दीपक का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है। दीपक में सरसों या तिल का तेल अथवा घी का प्रयोग किया जा सकता है। दीपक को ऐसी जगह रखें, जहां हवा से वह बार-बार बुझे नहीं। साथ ही उसे पर्दे, कागज और ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। यम दीपक को जलाते समय दक्षिण दिशा की परंपरा का विशेष ध्यान रखें।

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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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