Nag Panchami 2026: नाग पंचमी का पर्व हिंदू धर्म में नाग देवताओं की पूजा और उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने का विशेष दिन माना जाता है। इस दिन भगवान शिव के आभूषण स्वरूप विराजमान नागों के साथ-साथ नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि नाग पंचमी पर विधि-विधान से नाग देवता की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है, लेकिन क्या आपको पता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा किस तरह करनी चाहिए? पूजा में किन चीजों को शामिल किया जाता है और इसका धार्मिक महत्व क्या है? आइए जानते हैं नाग पंचमी की संपूर्ण पूजा विधि और इससे जुड़ी मान्यताएं।
नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा क्यों होती है?
सनातन परंपरा में नागों को पूजनीय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग देवताओं का संबंध भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों से माना जाता है। भगवान शिव के गले में नागराज वासुकी विराजमान हैं, जबकि भगवान विष्णु शेषनाग की शय्या पर क्षीरसागर में विराजमान रहते हैं। इसी वजह से नाग पंचमी के दिन नाग देवताओं की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर नाग देवता प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
कैसे करें नाग देवता की पूजा?
नाग पंचमी के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद घर के पूजा स्थान की साफ-सफाई करें और भगवान शिव तथा नाग देवता का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें। पूजा के लिए नाग देवता की प्रतिमा, तस्वीर या घर के पूजा स्थान पर नाग देवता का चित्र रखा जा सकता है। इसके बाद जल, दूध, अक्षत, फूल, रोली, चंदन और नैवेद्य आदि से पूजा की जाती है। नाग देवता को चंदन और रोली अर्पित करने के बाद फूल चढ़ाएं। इसके बाद जल अर्पित करें और श्रद्धा के अनुसार दूध का अभिषेक करें। पूजा के दौरान भगवान शिव का ध्यान करना भी शुभ माना जाता है, क्योंकि नागराज वासुकी भगवान शिव के गले में सुशोभित होते हैं।
शिवलिंग की पूजा भी करें
नाग पंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करके भगवान शिव का अभिषेक किया जा सकता है। भगवान शिव को बेलपत्र, फूल और धतूरा अर्पित करने के बाद शिव मंत्र का जाप करें। इसके साथ ही नाग देवता का स्मरण करें। मान्यता है कि शिवजी और नाग देवता की एक साथ पूजा करने से पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है।
इन चीजों का लगाएं भोग
नाग पंचमी की पूजा में सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। अपनी श्रद्धा के अनुसार दूध, फल, मिठाई और अन्य प्रसाद अर्पित किए जा सकते हैं। कई स्थानों पर नाग देवता को दूध अर्पित करने की परंपरा भी है। हालांकि, जीवित सांपों को दूध पिलाना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि सांप दूध को प्राकृतिक आहार के रूप में नहीं लेते, इसलिए पूजा के लिए नाग देवता की प्रतिमा या चित्र पर ही दूध अर्पित करना बेहतर माना जाता है।
नाग देवता के मंत्र का करें जाप
पूजा के दौरान नाग देवता का ध्यान करते हुए मंत्रों का जाप किया जा सकता है। श्रद्धालु नाग देवता को नमन करते हुए सरल मंत्र का जाप कर सकते हैं।
‘ॐ नागदेवताभ्यो नमः’
इस मंत्र का श्रद्धा के अनुसार जाप करने के बाद नाग देवता से परिवार की सुख-शांति और मंगल की प्रार्थना करें।
नाग पंचमी पर क्या करें?
नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने के साथ भगवान शिव का स्मरण करना शुभ माना जाता है। इस दिन घर में साफ-सफाई रखें और सात्विक भोजन करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार नागों को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए और जीव-जंतुओं के प्रति दया का भाव रखना चाहिए। कई क्षेत्रों में इस दिन घर के मुख्य द्वार या दीवार पर नाग देवता की आकृति बनाने की परंपरा भी है। इसके पीछे नाग देवता के प्रति सम्मान और उनकी पूजा की धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है।
नाग पंचमी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं में नागों को शक्ति, संरक्षण और प्रकृति से जुड़ा हुआ माना गया है। भगवान शिव के गले में नागराज वासुकी और भगवान विष्णु के साथ शेषनाग का वर्णन हिंदू धर्मग्रंथों में मिलता है। इसलिए नाग पंचमी को केवल नाग पूजा का पर्व नहीं, बल्कि भगवान शिव और नाग देवताओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर भी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक नाग देवता की पूजा करने और उनकी कथा सुनने से परिवार पर नाग देवता की कृपा बनी रहती है। कई भक्त इस दिन भगवान शिव की पूजा, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और नाग देवता का स्मरण भी करते हैं।
यह भी पढ़ें-
(
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)