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Nag Panchami: नाग पंचमी पर कालसर्प दोष कैसे मिलेगी मुक्ति? जानें पूजा विधि और उपाय

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Nag Panchami Puja: कालसर्प दोष से मुक्ति के उपायों को लेकर ज्योतिषीय मान्यताएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन नाग पंचमी भगवान शिव और नाग देवता की आराधना का महत्वपूर्ण अवसर है।

Nag Panchami:
Kaal Sarp Dosh: हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व भगवान शिव और नाग देवता की आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है। ज्योतिष में भी नाग पंचमी को कालसर्प दोष से जुड़े उपायों के लिए शुभ माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित होते हैं, तो इसे कालसर्प योग या कालसर्प दोष कहा जाता है। इसके प्रभाव को लेकर अलग-अलग ज्योतिषीय मत हैं। कुछ ज्योतिषियों के अनुसार इससे व्यक्ति को मानसिक तनाव, काम में रुकावट, पारिवारिक परेशानियां या जीवन में बार-बार बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि केवल कुंडली में यह स्थिति होना ही समस्याओं का निश्चित कारण नहीं माना जाना चाहिए।

नाग पंचमी पर कालसर्प दोष की पूजा

नाग पंचमी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान शिव तथा नाग देवता का ध्यान करें। इसके बाद शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध अर्पित किया जा सकता है। नाग देवता की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक पूजा करें। भगवान शिव को बेलपत्र, फूल और फल अर्पित करें। इसके बाद भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें।

राहु-केतु की शांति के लिए उपाय

कालसर्प दोष से संबंधित धार्मिक उपायों में राहु और केतु की शांति का भी उल्लेख मिलता है। नाग पंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा के साथ महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना, दान करना और सामर्थ्य के अनुसार धार्मिक सेवा करना भी पुण्यदायी माना गया है। कुछ लोग इस दिन नाग देवता से जुड़े मंदिर में जाकर विशेष पूजा और अभिषेक भी करवाते हैं।

किन बातों का रखें ध्यान?

नाग पंचमी पर जीवित सांपों को दूध पिलाने के बजाय मंदिर में स्थापित नाग देवता की प्रतिमा या शिवलिंग पर पूजा करना उचित माना जाता है। पूजा हमेशा श्रद्धा और धार्मिक परंपरा के अनुसार करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति कुंडली के आधार पर विशेष कालसर्प दोष निवारण पूजा करवाना चाहता है, तो किसी योग्य और विश्वसनीय ज्योतिषाचार्य या पुरोहित से कुंडली देखकर सलाह लेना बेहतर होता है।

श्रद्धा और भक्ति से करें पूजा

कालसर्प दोष से मुक्ति के उपायों को लेकर ज्योतिषीय मान्यताएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन नाग पंचमी भगवान शिव और नाग देवता की आराधना का महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन श्रद्धा से पूजा, मंत्र जाप, दान और सेवा करने से मन को शांति और सकारात्मकता मिलने की धार्मिक मान्यता है। सबसे महत्वपूर्ण है कि पूजा दिखावे के बजाय श्रद्धा, संयम और सद्भावना के साथ की जाए।

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