Diwali 2026: दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस दिन घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने के साथ ही दीपक जलाने की विशेष परंपरा है। मान्यता है कि दीपक की रोशनी से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का आगमन होता है। दिवाली के दिन कई घरों में 14 दीपक जलाने की परंपरा भी निभाई जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर दिवाली की रात 14 दीपक ही क्यों जलाए जाते हैं? इन दीपकों का संबंध किस धार्मिक मान्यता से है और इन्हें जलाने के पीछे क्या महत्व छिपा है? आइए जानते हैं।
14 दीपक जलाने की परंपरा
हिंदू धर्म में दिवाली के अवसर पर 14 दीपक जलाने की परंपरा का संबंध नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली से भी जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दीपकों को जलाने का उद्देश्य परिवार की सुख-शांति और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति की कामना करना है। कुछ मान्यताओं में इन दीपकों को यमराज के नाम से जलाने की बात कही गई है। ऐसा माना जाता है कि दीपदान करने से यमराज प्रसन्न होते हैं और परिवार के सदस्यों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
14 दीपकों का यमराज से संबंध
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यमराज के निमित्त दीपदान करना शुभ माना जाता है। इसे यम दीपदान कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना गया है, इसलिए इस ओर दीपदान करने का विशेष महत्व बताया गया है। 14 दीपक जलाने की परंपरा को भी यमराज की पूजा और परिवार की मंगलकामना से जोड़कर देखा जाता है।
कहां जलाए जाते हैं 14 दीपक?
परंपरा के अनुसार, दिवाली और छोटी दिवाली के अवसर पर घर के अलग-अलग स्थानों पर दीपक जलाए जाते हैं। इनमें मुख्य द्वार, आंगन, तुलसी के पास, रसोई और घर के अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल हो सकते हैं। कुछ परिवारों में घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर यमराज के नाम का दीपक रखा जाता है। इस दीपक को जलाते समय परिवार की सुख-समृद्धि और सभी सदस्यों की लंबी आयु की कामना की जाती है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में दीपक रखने की परंपरा में अंतर भी देखने को मिलता है।
दीपदान का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में दीपदान को पुण्यदायी कार्य माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि दीपक जलाने से अंधकार दूर होता है और जीवन में ज्ञान, सुख तथा समृद्धि का प्रकाश आता है। दिवाली पर 14 दीपक जलाने की परंपरा भी इसी धार्मिक भावना से जुड़ी है। इन दीपकों के माध्यम से लोग अपने परिवार की रक्षा, अच्छी सेहत और खुशहाल जीवन की प्रार्थना करते हैं। साथ ही यह परंपरा यमराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का भी एक तरीका मानी जाती है।
दीपक जलाते समय रखें ध्यान