facebook pixel
विज्ञापन
Home›  dharm›  dhanteras 2026 dhanteras par jhadu khareedne ki parampara kyo hai khas janiye mahatav

Dhanteras 2026: धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा क्यों है खास? जानें धार्मिक महत्व

jeevanjaliPublished by:
कोमल शर्मा
सार

Dhanteras 2026:  धनतेरस एक प्रमुख हिंदू त्योहार है जो दिवाली से दो दिन पहले मनाया जाता है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है और इसे 'धन-त्रयोदशी' के नाम से भी जाना जाता है।

Dhanteras 2026: 
Dhanteras 2026:  धनतेरस एक प्रमुख हिंदू त्योहार है जो दिवाली से दो दिन पहले मनाया जाता है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है और इसे 'धन-त्रयोदशी' के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन झाड़ू खरीदना बहुत शुभ होता है, क्योंकि झाड़ू को दरिद्रता दूर करने और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि झाड़ू नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करती है जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। यही कारण है कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई जाती है।

धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की वजह

धनतेरस पर झाड़ू खरीदना दरिद्रता को दूर करने और घर में समृद्धि लाने के लिए एक शुभ संकेत माना जाता है। चूंकि झाड़ू को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है इसलिए इस दिन इसे घर लाना शुभ फलदायी होता है। घर में नई झाड़ू लाने से सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है और माना जाता है कि इससे देवी लक्ष्मी का घर में स्थायी वास बना रहता है।

देवी लक्ष्मी के रूप में झाड़ू

हिंदू मान्यताओं के अनुसार झाड़ू को देवी लक्ष्मी का ही एक रूप माना जाता है, क्योंकि वे स्वच्छता और सुव्यवस्था की देवी हैं। देवी लक्ष्मी वहीं निवास करती हैं जहां स्वच्छता होती है। इसलिए धनतेरस पर झाड़ू खरीदकर लोग अपने घर की पवित्रता और सकारात्मकता को बनाए रखने में मदद करते हैं।

दरिद्रता से मुक्ति

माना जाता है कि झाड़ू घर से नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता को दूर करने में सहायक होती है। यह केवल सफाई का साधन ही नहीं, बल्कि अशुभ शक्तियों को दूर करने का भी प्रतीक है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदना जीवन की आर्थिक बाधाओं और कठिनाइयों को दूर करने का एक शुभ उपाय माना जाता है।

सकारात्मकता और समृद्धि का प्रतीक

झाड़ू घर की स्वच्छता का आधार है और एक साफ-सुथरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाता है। धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदना और उससे घर की सफाई करना देवी लक्ष्मी के स्वागत का एक तरीका माना जाता है। इससे घर में समृद्धि, शांति और आर्थिक संपन्नता आती है।

 झाड़ू खरीदने के लिए सबसे शुभ समय कौन सा है?

धनतेरस की सुबह या किसी शुभ मुहूर्त में झाड़ू खरीदना सबसे अच्छा माना जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

क्या धनतेरस पर झाड़ू केवल महिलाएं ही खरीद सकती हैं?

नहीं, परिवार का कोई भी सदस्य इस परंपरा में शामिल हो सकता है। ऐसा मुख्य रूप से घर में सुख-समृद्धि बढ़ाने और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए किया जाता है।

यह भी पढ़ें-

Narak Chaturdashi: नरक चतुर्दशी क्यों मनाई जाती है? जानें भगवान श्रीकृष्ण और नरकासुर से जुड़ी पौराणिक कथा 

Narak Chaturdashi 2026: कब है नरक चतुर्दशी? जानें छोटी दिवाली की सही तारीख, पूजा मुहूर्त और धार्मिक महत्व 

Narak Chaturdashi 2026: नरक चतुर्दशी पर क्यों जलाए जाते हैं दीपक? जानें इसका महत्व और परंपरा 

(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)


 

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel