Yoga Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक आम समस्या बन चुका है। काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, अनियमित दिनचर्या और पर्याप्त आराम की कमी मानसिक तनाव को बढ़ाने का काम करती हैं। लंबे समय तक तनाव बने रहने से मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय माना जाता है। नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि मन को शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और तनाव कम करने में भी मदद करता है। कुछ ऐसे योगासन हैं, जिनका नियमित अभ्यास मानसिक तनाव को कम करने और शरीर को गहरी शांति देने में विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। हालांकि, इन आसनों का अभ्यास सही विधि और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार करना जरूरी होता है।
बालासन- मानसिक शांति के लिए सबसे सरल योगासन
तनाव कम करने के लिए बालासन सबसे आसान और प्रभावी योगासनों में गिना जाता है। यह आसन शरीर को आराम देने के साथ-साथ मस्तिष्क को शांत करने में मदद करता है। लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वाले लोगों के लिए भी यह आसन लाभकारी माना जाता है।
बालासन करने का सही तरीका
सबसे पहले योगा मैट पर वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं। अब धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और माथे को जमीन से लगाने का प्रयास करें। दोनों हाथों को सामने की ओर सीधा फैलाएं या शरीर के दोनों ओर रखें। इस स्थिति में सामान्य गति से गहरी सांस लेते रहें और 30 सेकंड से 1 मिनट तक बने रहें। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं।
शवासन- पूरे शरीर और मन को देता है आराम
शवासन को तनाव दूर करने वाला सबसे प्रभावी तनाव मुक्ति वाला योगासन माना जाता है। योगाभ्यास के अंत में इसे करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह शरीर और मन दोनों को पूरी तरह आराम देता है।
शवासन करने का सही तरीका
पीठ के बल सीधे लेट जाएं। दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें और हाथों को शरीर से थोड़ी दूरी पर रखें। आंखें बंद कर लें और पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। सांसों पर ध्यान केंद्रित करें और शरीर के हर हिस्से को पूरी तरह आराम देने का प्रयास करें। इस स्थिति में 5 से 10 मिनट तक रहें।
सुखासन- मन को स्थिर रखने में मददगार
ध्यान और प्राणायाम के लिए सुखासन सबसे उपयुक्त बैठने की मुद्रा मानी जाती है। यह मानसिक अशांति को कम करने और मन को स्थिर करने में सहायक होता है।
सुखासन करने का सही तरीका
फर्श पर आराम से बैठकर दोनों पैरों को क्रॉस कर लें। रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और दोनों हाथों को घुटनों पर रखें। आंखें बंद करें और गहरी तथा धीमी सांस लें। इस अवस्था में 5 से 10 मिनट तक बैठ सकते हैं।
पश्चिमोत्तानासन- तनाव के साथ थकान भी करता है कम
पश्चिमोत्तानासन शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करता है और मानसिक तनाव कम करने में मदद करता है। यह लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
पश्चिमोत्तानासन करने का सही तरीका
दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाकर बैठ जाएं। अब गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। दोनों हाथों से पैरों के पंजों को पकड़ने का प्रयास करें। माथे को घुटनों के पास लाने की कोशिश करें। कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस सामान्य अवस्था में लौट आएं।
विपरीत करनी आसन: मानसिक थकान दूर करने वाला योगासन
यह आसन पूरे दिन की थकान और मानसिक तनाव को कम करने में काफी उपयोगी माना जाता है। लंबे समय तक खड़े रहने या अधिक काम करने वालों के लिए भी यह लाभकारी हो सकता है।
विपरीत करनी आसन करने का सही तरीका
दीवार के पास पीठ के बल लेट जाएं और दोनों पैरों को दीवार पर सीधा ऊपर टिकाएं। शरीर का ऊपरी हिस्सा जमीन पर आराम की स्थिति में रखें। हाथों को शरीर के दोनों ओर ढीला रखें और आंखें बंद कर लें। सामान्य गति से सांस लेते हुए 5 से 10 मिनट तक इसी स्थिति में रहें।
सेतु बंधासन: तनाव के साथ चिंता कम करने में सहायक
सेतु बंधासन छाती को फैलाने और शरीर में रक्त संचार बेहतर करने में मदद करता है। इससे मन को शांति मिलने के साथ मानसिक तनाव और बेचैनी में भी राहत महसूस हो सकती है।
सेतु बंधासन करने का सही तरीका
पीठ के बल लेट जाएं और दोनों घुटनों को मोड़ लें। पैरों को कूल्हों के पास रखें। अब सांस लेते हुए धीरे-धीरे कमर और पीठ को ऊपर उठाएं। हाथ जमीन पर टिके रहें। कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस नीचे आ जाएं।
भुजंगासन: शरीर और मन दोनों को देता है ऊर्जा
भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के साथ-साथ तनाव और थकान को कम करने में भी सहायक माना जाता है। यह लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली जकड़न को दूर करने में मदद करता है।
भुजंगासन करने का सही तरीका
पेट के बल लेट जाएं और दोनों हथेलियों को कंधों के पास रखें। सांस लेते हुए धीरे-धीरे सिर, गर्दन और छाती को ऊपर उठाएं। कमर पर अधिक दबाव न डालें। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
तनाव कम करने के लिए योग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
योग हमेशा खाली पेट या भोजन के कम से कम 2 से 3 घंटे बाद करें। अभ्यास के दौरान सांसों को रोकने के बजाय सामान्य और गहरी सांस लेते रहें। किसी भी आसन में शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। यदि किसी प्रकार की गंभीर कमर, गर्दन, घुटने या हृदय संबंधी समस्या है या हाल ही में कोई सर्जरी हुई है, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। नियमित अभ्यास से ही बेहतर परिणाम मिलते हैं, इसलिए बीच-बीच में छोड़ने के बजाय रोजाना कुछ समय योग के लिए निकालना अधिक लाभकारी माना जाता है।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी योग और आयुर्वेद से संबंधित सामान्य जानकारियों, परंपरागत मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। जीवांजलि इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए किसी योग्य चिकित्सक, योग विशेषज्ञ या आयुर्वेदाचार्य से परामर्श अवश्य लें।