Yoga Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और चिंता आम समस्या बन चुकी है। काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, अनियमित दिनचर्या और पर्याप्त आराम न मिल पाने की वजह से मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। लंबे समय तक तनाव बने रहने पर इसका असर नींद, पाचन, एकाग्रता और संपूर्ण स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ऐसे में नियमित योगाभ्यास शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने में मददगार माना जाता है। कुछ ऐसे योगासन हैं, जिन्हें सही तरीके से करने पर मानसिक शांति मिल सकती है और तनाव व चिंता को कम करने में सहायता मिलती है। आइए जानते हैं ऐसे ही पांच असरदार योगासनों के बारे में...
भुजंगासन
भुजंगासन को कोबरा पोज भी कहा जाता है। यह योगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के साथ-साथ सीने को फैलाने में मदद करता है। जब सीना खुलता है तो गहरी सांस लेने में आसानी होती है, जिससे मन को शांति महसूस हो सकती है।
भुजंगासन करने का सही तरीका
सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को सीधा रखें और हथेलियों को कंधों के पास जमीन पर टिकाएं। अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए सिर, गर्दन और छाती को ऊपर उठाएं। कोहनी हल्की मुड़ी रह सकती है। कुछ सेकंड तक इस अवस्था में रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं। इस आसन को 3 से 5 बार किया जा सकता है।
बालासन
बालासन को विश्राम देने वाले सबसे प्रभावी योगासनों में से एक माना जाता है। यह शरीर की थकान दूर करने के साथ मानसिक तनाव को कम करने में भी मदद करता है। दिनभर की भागदौड़ के बाद इस आसन का अभ्यास काफी आरामदायक महसूस हो सकता है।
बालासन करने का सही तरीका
घुटनों के बल बैठ जाएं और एड़ियों पर शरीर का भार रखें। अब धीरे-धीरे आगे की ओर झुकते हुए माथे को जमीन से लगाएं। दोनों हाथों को सामने की ओर सीधा फैला दें या शरीर के दोनों तरफ रखें। आंखें बंद करके सामान्य गति से सांस लें। लगभग 30 सेकंड से 1 मिनट तक इस स्थिति में बने रहें और फिर धीरे-धीरे वापस बैठ जाएं।
वृक्षासन
वृक्षासन शरीर के संतुलन के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है। इस आसन का नियमित अभ्यास मन को स्थिर रखने और चिंता की स्थिति में ध्यान केंद्रित करने में सहायक माना जाता है।
वृक्षासन करने का सही तरीका
सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें। अब दाएं पैर को उठाकर बाईं जांघ के अंदर की तरफ रखें। दोनों हाथों को ऊपर उठाकर नमस्कार की मुद्रा बनाएं। सामने किसी एक बिंदु पर नजर टिकाकर सामान्य सांस लेते रहें। लगभग 20 से 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें और दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
पश्चिमोत्तानासन
पश्चिमोत्तानासन शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव लाने के साथ मानसिक शांति प्रदान करने वाला योगासन माना जाता है। यह लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली अकड़न को कम करने में भी सहायक हो सकता है।
पश्चिमोत्तानासन करने का सही तरीका
योगा मैट पर दोनों पैर सामने की ओर फैलाकर बैठ जाएं। रीढ़ को सीधा रखें। अब सांस लेते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाएं और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। हाथों से पैरों या पंजों को पकड़ने का प्रयास करें और माथे को घुटनों के करीब लाने की कोशिश करें। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में सामान्य सांस लेते रहें, फिर धीरे-धीरे वापस बैठ जाएं।
शवासन
शवासन को योग सत्र का सबसे महत्वपूर्ण विश्राम आसन माना जाता है। यह शरीर और मस्तिष्क दोनों को पूरी तरह आराम देने में मदद करता है। यदि तनाव, बेचैनी या मानसिक थकान महसूस हो रही हो तो कुछ मिनट शवासन करने से राहत मिल सकती है।
शवासन करने का सही तरीका
पीठ के बल सीधे लेट जाएं। दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें और हाथों को शरीर से थोड़ी दूरी पर रखें। हथेलियां ऊपर की ओर रहें। आंखें बंद करें और पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। सांस पर ध्यान केंद्रित करते हुए 5 से 10 मिनट तक इसी अवस्था में रहें। इसके बाद धीरे-धीरे आंखें खोलें और करवट लेकर उठें।
योगाभ्यास करते समय रखें इन बातों का ध्यान
योग हमेशा खाली पेट या भोजन करने के कम से कम तीन घंटे बाद करें। शुरुआत में किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में अभ्यास करना बेहतर माना जाता है। किसी भी आसन को करते समय शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। यदि किसी प्रकार की गंभीर बीमारी, रीढ़ की समस्या, उच्च रक्तचाप, हाल की सर्जरी या गर्भावस्था की स्थिति हो तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। योगाभ्यास के दौरान सांस की गति सामान्य बनाए रखें और जल्दबाजी से बचें।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी योग और आयुर्वेद से संबंधित सामान्य जानकारियों, परंपरागत मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। जीवांजलि इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए किसी योग्य चिकित्सक, योग विशेषज्ञ या आयुर्वेदाचार्य से परामर्श अवश्य लें।