Yoga Tips: आज के समय में बड़ी संख्या में लोग रोजाना 8 से 10 घंटे तक ऑफिस में कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने बैठकर काम करते हैं। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने के कारण गर्दन में अकड़न, कमर दर्द, कंधों में जकड़न, पीठ दर्द, आंखों में थकान और शरीर में सुस्ती जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। यदि इन परेशानियों को समय रहते नजरअंदाज किया जाए तो आगे चलकर यह गंभीर शारीरिक समस्याओं का कारण भी बन सकती हैं। ऐसे में नियमित रूप से कुछ आसान योगासन करने से शरीर को सक्रिय रखा जा सकता है और लंबे समय तक बैठने के दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए पांच ऐसे योगासन, जो शरीर को लचीला बनाने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करते हैं।
ताड़ासन से सुधरती है शरीर की मुद्रा
जो लोग घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, उनके लिए ताड़ासन सबसे सरल और प्रभावी योगासनों में से एक माना जाता है। यह योगासन शरीर की पूरी मांसपेशियों को सक्रिय करता है और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने में मदद करता है। ताड़ासन करने के लिए दोनों पैरों को मिलाकर सीधे खड़े हो जाएं। अब दोनों हाथों को ऊपर उठाते हुए हथेलियों को आपस में जोड़ लें। धीरे-धीरे एड़ियों को ऊपर उठाएं और पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचने का प्रयास करें। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद सामान्य अवस्था में लौट आएं।
स्वास्थ्य लाभ
- रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।
- शरीर का संतुलन बेहतर होता है।
- गलत बैठने की आदत में सुधार आता है।
- कंधों और गर्दन का तनाव कम होता है।
- शरीर में लचीलापन बढ़ता है।
भुजंगासन से कमर और पीठ को मिलता है आराम
लगातार बैठने की वजह से कमर और पीठ पर सबसे अधिक दबाव पड़ता है। ऐसे लोगों के लिए भुजंगासन बेहद लाभकारी माना जाता है। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इस योगासन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं। दोनों हथेलियों को कंधों के पास रखें और धीरे-धीरे हाथों के सहारे शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। गर्दन को पीछे की ओर आराम से ले जाएं और कुछ सेकंड तक इसी अवस्था में रहें। फिर धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
स्वास्थ्य लाभ
- कमर दर्द में राहत मिलती है।
- पीठ की जकड़न कम होती है।
- रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।
- छाती खुलती है और शरीर में ऊर्जा महसूस होती है।
- लंबे समय तक बैठने से होने वाली अकड़न कम होती है।
मार्जरी-व्याघ्रासन से दूर होती है रीढ़ की जकड़न
मार्जरी-व्याघ्रासन, जिसे कैट-काउ पोज भी कहा जाता है, रीढ़ की हड्डी की लचक बनाए रखने के लिए बेहद प्रभावी योगासन है। जो लोग पूरे दिन कुर्सी पर बैठे रहते हैं, उनके लिए यह आसन काफी उपयोगी माना जाता है। इसे करने के लिए दोनों हाथों और घुटनों के बल आ जाएं। सांस लेते हुए कमर को नीचे की ओर झुकाएं और सिर ऊपर उठाएं। इसके बाद सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर गोल करें और ठुड्डी को छाती की ओर ले आएं। इस प्रक्रिया को कई बार दोहराएं।
स्वास्थ्य लाभ
- रीढ़ की हड्डी लचीली रहती है।
- गर्दन और कंधों का तनाव कम होता है।
- पीठ दर्द में राहत मिलती है।
- शरीर की गतिशीलता बढ़ती है।
- लंबे समय तक बैठने से होने वाली अकड़न कम होती है।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन से रीढ़ और कमर को मिलता है लाभ
लगातार एक ही दिशा में बैठकर काम करने से रीढ़ और कमर पर दबाव बढ़ जाता है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन रीढ़ को ट्विस्ट करने वाला योगासन है, जिससे पीठ और कमर की मांसपेशियों को आराम मिलता है। इस योगासन के लिए जमीन पर बैठ जाएं। एक पैर को मोड़कर दूसरे पैर के ऊपर रखें। अब शरीर को उसी दिशा में मोड़ें जिस ओर ऊपर वाला पैर है। विपरीत हाथ को घुटने के बाहर रखें और कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। फिर दूसरी ओर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
स्वास्थ्य लाभ
- कमर की जकड़न कम होती है।
- रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है।
- पीठ की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं।
- लंबे समय तक बैठने से होने वाले तनाव में राहत मिलती है।
- शरीर का संतुलन बेहतर होता है।
बालासन से मिलता है पूरे शरीर को आराम
दिनभर की थकान और लगातार बैठने के बाद बालासन शरीर को गहरा आराम देने वाला योगासन माना जाता है। यह पीठ, गर्दन और कंधों को आराम पहुंचाने के साथ मानसिक तनाव कम करने में भी सहायक होता है। बालासन करने के लिए घुटनों के बल बैठ जाएं और एड़ियों पर शरीर का भार रखें। अब धीरे-धीरे आगे की ओर झुकते हुए माथे को जमीन पर टिकाएं और दोनों हाथों को सामने की ओर सीधा फैला दें। कुछ देर तक सामान्य सांस लेते हुए इसी मुद्रा में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस बैठ जाएं।
स्वास्थ्य लाभ
- पीठ और कमर को आराम मिलता है।
- कंधों की जकड़न कम होती है।
- गर्दन का तनाव घटता है।
- शरीर की थकान दूर होती है।
- लंबे समय तक बैठने के बाद मांसपेशियों को आराम मिलता है।
ऑफिस में काम करने वाले लोग इन बातों का भी रखें ध्यान
- केवल योगासन करना ही पर्याप्त नहीं है। यदि पूरे दिन बैठकर काम करना पड़ता है तो कुछ आदतों में सुधार करना भी जरूरी है।
- हर 40 से 60 मिनट के बाद अपनी सीट से उठकर 2 से 5 मिनट तक टहलें।
- बैठते समय रीढ़ को सीधा रखने का प्रयास करें।
- कंप्यूटर स्क्रीन आंखों के बराबर ऊंचाई पर रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- काम के दौरान गर्दन, कंधों और कलाई की हल्की स्ट्रेचिंग करते रहें।
- यदि किसी पुरानी चोट, गंभीर कमर दर्द या रीढ़ संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं तो योग विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही योगाभ्यास करें।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी योग और आयुर्वेद से संबंधित सामान्य जानकारियों, परंपरागत मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। जीवांजलि इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए किसी योग्य चिकित्सक, योग विशेषज्ञ या आयुर्वेदाचार्य से परामर्श अवश्य लें।