
ताड़ासन करने की विधि
ताड़ासन के लाभ
इस आसन से पूरे शरीर में खिंचाव आता है, मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, शरीर का संतुलन सुधरता है और सुबह की सुस्ती दूर होने लगती है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए भी यह आसन उपयोगी माना जाता है।
सूर्य नमस्कार करने की विधि
सूर्य की ओर मुख करके खड़े हों। नमस्कार मुद्रा से शुरुआत करें और क्रमशः हाथ ऊपर उठाना, आगे झुकना, पैर पीछे ले जाना, दंडासन, भुजंगासन और पर्वतासन सहित सभी 12 चरण पूरे करें। शुरुआत में तीन से पांच चक्र किए जा सकते हैं और अभ्यास बढ़ने पर संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जा सकती है।
सूर्य नमस्कार के लाभ
यह शरीर के लगभग सभी प्रमुख अंगों और मांसपेशियों को सक्रिय करता है। रक्त संचार बेहतर होता है, शरीर में लचीलापन आता है, फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और पूरे दिन के लिए ऊर्जा का संचार होता है।
भुजंगासन करने की विधि
पेट के बल लेट जाएं। दोनों हथेलियों को कंधों के पास जमीन पर रखें। धीरे-धीरे सांस लेते हुए सिर, गर्दन और छाती को ऊपर उठाएं। नाभि तक का हिस्सा जमीन पर ही रहने दें। कुछ सेकंड इस स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस नीचे आ जाएं।
भुजंगासन के लाभ
यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है। पीठ और कंधों की जकड़न कम होती है, छाती खुलती है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार महसूस होता है।
वज्रासन ऐसा योगासन है जिसे करना आसान है और इसे सुबह कुछ मिनट तक करने से मन और शरीर दोनों को स्थिरता मिलती है।
वज्रासन करने की विधि
घुटनों के बल बैठ जाएं और एड़ियों पर शरीर का भार रखें। दोनों हाथ घुटनों पर रखें और रीढ़ को सीधा रखें। आंखें बंद करके सामान्य या गहरी श्वास लेते रहें। इस स्थिति में पांच से दस मिनट तक बैठा जा सकता है।
वज्रासन के लाभ
यह आसन मानसिक शांति बनाए रखने में सहायक माना जाता है। सुबह इसे करने से ध्यान केंद्रित करने में आसानी होती है और दिनभर कार्य करने की क्षमता बेहतर बनी रहती है।
सुबह के समय वृक्षासन करने से शरीर का संतुलन बेहतर होता है और मन को स्थिरता मिलती है। यह आसन शरीर और मस्तिष्क के समन्वय को मजबूत करने में सहायक माना जाता है।
वृक्षासन करने की विधि
सीधे खड़े होकर शरीर का भार एक पैर पर रखें। दूसरे पैर के तलवे को पहले पैर की जांघ पर टिकाएं। अब दोनों हाथों को नमस्कार मुद्रा में सिर के ऊपर ले जाएं। कुछ सेकंड तक संतुलन बनाए रखें और फिर दूसरी ओर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
वृक्षासन के लाभ
इस आसन से पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, संतुलन क्षमता बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता बेहतर होती है और सुबह से ही शरीर सक्रिय महसूस करता है।
सुबह योग हमेशा खाली पेट या हल्का पानी पीने के बाद करें। योग शुरू करने से पहले शरीर को हल्का वार्मअप देना लाभदायक रहता है। सभी आसनों को जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे और सही तकनीक के साथ करें। यदि किसी प्रकार की गंभीर बीमारी, रीढ़ की समस्या, हाल ही में सर्जरी हुई हो या गर्भावस्था हो तो योगाभ्यास शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहता है। अपनी क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करें और शरीर पर अनावश्यक दबाव न डालें।
योग विशेषज्ञों के अनुसार इन पांच योगासनों का नियमित अभ्यास शरीर को दिनभर सक्रिय रखने में मदद करता है। सुबह का यह छोटा-सा योग सत्र मांसपेशियों को जागृत करता है, शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है, शारीरिक लचीलापन बढ़ाता है और मानसिक रूप से भी दिनभर तरोताजा महसूस कराने में सहायक माना जाता है। यदि इन्हें सही विधि और नियमितता के साथ किया जाए तो सुबह की शुरुआत अधिक ऊर्जावान और संतुलित हो सकती है।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी योग और आयुर्वेद से संबंधित सामान्य जानकारियों, परंपरागत मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। जीवांजलि इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए किसी योग्य चिकित्सक, योग विशेषज्ञ या आयुर्वेदाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
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