Yoga Tips: योग शरीर और मन दोनों को शांत करने में मदद करता है। कुछ ऐसे योगासन हैं, जिन्हें रात में सोने से पहले करने से शरीर का तनाव कम होता है, मांसपेशियों को आराम मिलता है और मन धीरे-धीरे शांत होने लगता है।
Yoga Tips: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, अनियमित दिनचर्या और मानसिक दबाव जैसी वजहों से बड़ी संख्या में लोग अनिद्रा या खराब नींद की समस्या से जूझ रहे हैं। रातभर करवटें बदलना, बार-बार नींद खुलना या सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस होना, ये सभी संकेत बताते हैं कि आपकी नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। ऐसे में दवाओं पर निर्भर होने के बजाय योग का सहारा लेना एक बेहतर विकल्प माना जाता है।
योग शरीर और मन दोनों को शांत करने में मदद करता है। कुछ ऐसे योगासन हैं, जिन्हें रात में सोने से पहले करने से शरीर का तनाव कम होता है, मांसपेशियों को आराम मिलता है और मन धीरे-धीरे शांत होने लगता है। आइए जानते हैं ऐसे पांच योगासन, जिन्हें नियमित रूप से करने से अच्छी और गहरी नींद पाने में मदद मिल सकती है।
बालासन
बालासन को विश्राम देने वाला सबसे प्रभावी योगासन माना जाता है। यह आसन शरीर और मस्तिष्क को आराम देने में मदद करता है। पूरे दिन की भागदौड़ के बाद जब शरीर थका हुआ महसूस करता है, तब बालासन करने से कमर, कंधे और गर्दन की जकड़न कम हो सकती है। इस आसन को करने के लिए घुटनों के बल बैठ जाएं। अब धीरे-धीरे शरीर को आगे की ओर झुकाएं और माथे को जमीन पर टिकाएं। दोनों हाथों को आगे की ओर फैलाएं या शरीर के साथ पीछे रखें। इस स्थिति में सामान्य गति से गहरी सांस लेते हुए 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें। इससे मन शांत होता है और सोने की तैयारी आसान हो सकती है।
विपरीत करनी आसन
विपरीत करनी आसन को पैरों की थकान दूर करने और मानसिक तनाव कम करने वाला योगासन माना जाता है। यदि पूरे दिन खड़े रहकर काम करना पड़ता है या पैरों में भारीपन महसूस होता है, तो यह आसन राहत पहुंचा सकता है। इसे करने के लिए किसी दीवार के पास लेट जाएं और दोनों पैरों को दीवार पर सीधा ऊपर की ओर टिकाएं। शरीर का ऊपरी हिस्सा जमीन पर आराम से रहे। दोनों हाथों को शरीर के पास रखें और आंखें बंद करके सामान्य सांस लेते रहें। लगभग 5 से 10 मिनट तक इस स्थिति में रहने से शरीर को आराम मिलता है और नींद आने में सहायता मिल सकती है।
पश्चिमोत्तानासन
पश्चिमोत्तानासन शरीर के पिछले हिस्से में खिंचाव पैदा करता है और मानसिक तनाव को कम करने में सहायक माना जाता है। यह योगासन मन को शांत करने और शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है। इस आसन के लिए जमीन पर दोनों पैर सामने की ओर फैलाकर बैठें। अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे झुकें और हाथों से पैरों या पंजों को पकड़ने का प्रयास करें। सिर को घुटनों की ओर ले जाने की कोशिश करें, लेकिन शरीर पर अधिक दबाव न डालें। कुछ देर सामान्य सांस लेते हुए इस मुद्रा में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
सुप्त बद्ध कोणासन
सुप्त बद्ध कोणासन शरीर को गहराई से आराम देने वाला योगासन है। यह आसन कूल्हों और जांघों की मांसपेशियों को ढीला करता है तथा मानसिक बेचैनी कम करने में मदद करता है। रात में सोने से पहले इस आसन का अभ्यास करने से शरीर को आराम का अनुभव हो सकता है। इस आसन के लिए पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाकर घुटनों को दोनों तरफ फैला दें। हाथों को शरीर से थोड़ा दूर आराम की स्थिति में रखें। आंखें बंद करके गहरी और सामान्य सांस लें। लगभग 3 से 5 मिनट तक इस मुद्रा में रहने का प्रयास करें।
शवासन
शवासन को योग का सबसे आरामदायक आसन माना जाता है। यह शरीर और मन दोनों को पूरी तरह विश्राम देने का काम करता है। यदि तनाव, चिंता या मानसिक थकान के कारण नींद नहीं आती है, तो शवासन का अभ्यास लाभदायक हो सकता है। इसे करने के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएं। दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें और हाथों को शरीर से थोड़ी दूरी पर रखें। आंखें बंद कर लें और पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। सांसों पर ध्यान केंद्रित करें और शरीर के प्रत्येक हिस्से को पूरी तरह आराम देने का प्रयास करें। 5 से 10 मिनट तक इस आसन में रहने से मन शांत हो सकता है और नींद आने में आसानी हो सकती है।
योग करते समय रखें इन बातों का ध्यान
रात में योग हमेशा हल्के और आराम देने वाले आसनों तक ही सीमित रखें। कठिन या अधिक ऊर्जा खर्च करने वाले योगासन सोने से ठीक पहले करने से बचें। योग करते समय सांसों को सामान्य रखें और किसी भी आसन में शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। यदि कमर, घुटने, गर्दन या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं, तो किसी योग विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही अभ्यास करें। योग करने के बाद कुछ मिनट शांत बैठें या शवासन करें, जिससे शरीर पूरी तरह रिलैक्स हो सके और अच्छी नींद के लिए अनुकूल वातावरण बन सके। यह भी पढ़ें:-
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी योग और आयुर्वेद से संबंधित सामान्य जानकारियों, परंपरागत मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। जीवांजलि इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए किसी योग्य चिकित्सक, योग विशेषज्ञ या आयुर्वेदाचार्य से परामर्श अवश्य लें।