विज्ञापन
Home  yoga  digestion yoga pachan sudharne ke liye kare ye yogasan janiye sahi tareeka aur fayade

Digestion Yoga: पाचन सुधारने के लिए करें ये योगासन, जानें सही तरीका और फायदे

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Digestion Yoga: संतुलित आहार के साथ नियमित योगाभ्यास पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कुछ विशेष योगासन पेट के अंगों को सक्रिय करते हैं, रक्त संचार बढ़ाते हैं और भोजन के पाचन की प्रक्रिया को सुचारु बनाने में मदद करते हैं।

Digestion Yoga
Digestion Yoga: आजकल अनियमित खानपान, देर रात तक जागना, तनाव और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत के कारण पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। गैस, अपच, कब्ज, पेट फूलना और भोजन के बाद भारीपन जैसी परेशानियां आम हो चुकी हैं। संतुलित आहार के साथ नियमित योगाभ्यास पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कुछ विशेष योगासन पेट के अंगों को सक्रिय करते हैं, रक्त संचार बढ़ाते हैं और भोजन के पाचन की प्रक्रिया को सुचारु बनाने में मदद करते हैं।

वज्रासन: भोजन के बाद सबसे उपयोगी योगासन

वज्रासन को पाचन सुधारने के लिए सबसे प्रभावी आसनों में गिना जाता है। इसकी खास बात यह है कि इसे भोजन के तुरंत बाद भी किया जा सकता है। इस आसन में घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठा जाता है, दोनों पैर के अंगूठे आपस में मिलाए जाते हैं और रीढ़ सीधी रखी जाती है। सामान्य गति से सांस लेते हुए लगभग पांच से दस मिनट तक इस मुद्रा में बैठना लाभकारी माना जाता है। नियमित अभ्यास से भोजन का पाचन बेहतर होता है, गैस और अपच की समस्या कम होती है तथा पेट में भारीपन महसूस नहीं होता।

पवनमुक्तासन: गैस और पेट फूलने में राहत

पवनमुक्तासन विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है जिन्हें गैस, पेट फूलने या कब्ज की शिकायत रहती है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटकर एक पैर को मोड़ते हुए घुटने को छाती की ओर लाया जाता है। दोनों हाथों से घुटने को पकड़कर सांस छोड़ते हुए उसे पेट की ओर दबाया जाता है। कुछ सेकंड रुकने के बाद पैर सीधा कर लिया जाता है और यही प्रक्रिया दूसरे पैर से दोहराई जाती है। यह आसन आंतों की गति को सक्रिय करता है और पेट में फंसी अतिरिक्त गैस को बाहर निकालने में सहायक होता है।

अर्धमत्स्येन्द्रासन: पाचन अंगों को सक्रिय करने वाला आसन

अर्धमत्स्येन्द्रासन एक ट्विस्टिंग योगासन है जो यकृत, अग्न्याशय और आंतों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इसे करने के लिए दोनों पैर सामने फैलाकर बैठें, फिर एक पैर को मोड़कर दूसरे घुटने के बाहर रखें और शरीर को धीरे-धीरे उसी दिशा में मोड़ें। लगभग बीस से तीस सेकंड तक मुद्रा बनाए रखें और फिर दूसरी ओर दोहराएं। यह आसन पेट के अंगों की हल्की मालिश करता है, जिससे पाचन रसों का स्राव बेहतर हो सकता है और अपच तथा कब्ज में राहत मिल सकती है।

भुजंगासन: पेट में रक्त संचार बढ़ाने वाला आसन

भुजंगासन रीढ़ को लचीला बनाने के साथ-साथ पेट के हिस्से में रक्त संचार बढ़ाने में मदद करता है। इसे करने के लिए पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधों के पास रखा जाता है और धीरे-धीरे सिर तथा छाती को ऊपर उठाया जाता है। कोहनियों को हल्का मोड़ा रखते हुए कुछ सेकंड तक रुकने के बाद वापस प्रारंभिक स्थिति में आ जाते हैं। यह आसन पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और पाचन तंत्र की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।

उत्तानपादासन: आंतों की सक्रियता बढ़ाने वाला अभ्यास

उत्तानपादासन करने के लिए पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को धीरे-धीरे लगभग तीस से पैंतालीस डिग्री तक उठाया जाता है। सामान्य श्वास लेते हुए कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद पैरों को नीचे लाया जाता है। यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और आंतों की कार्यक्षमता को सक्रिय बनाने में मदद कर सकता है।

योग करने का सही समय और सावधानियां

पाचन सुधारने के लिए योग का अभ्यास सुबह खाली पेट करना अधिक लाभकारी माना जाता है। भोजन के तुरंत बाद केवल वज्रासन करना चाहिए, जबकि अन्य योगासन भोजन के कम से कम तीन घंटे बाद करने चाहिए। अभ्यास के दौरान सांस को सामान्य रखें और किसी भी आसन को झटके से न करें। यदि पेट, रीढ़ या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या से संबंधित परेशानी हो तो विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।

नियमित अभ्यास से मिलने वाले लाभ

यदि वज्रासन, पवनमुक्तासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, भुजंगासन और उत्तानपादासन का नियमित और सही तरीके से अभ्यास किया जाए तो पाचन तंत्र अधिक सक्रिय हो सकता है। इससे गैस, कब्ज, अपच, पेट फूलना और भोजन के बाद भारीपन जैसी समस्याओं में राहत मिलने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही पेट के अंगों में रक्त संचार बेहतर होने से पाचन प्रक्रिया अधिक संतुलित ढंग से कार्य करने लगती है।


यह भी पढ़ें:-

Yoga Benefits: रोजाना क्यों करना चाहिए योग? जानें कैसे शरीर, मन और जीवनशैली को मिलते हैं बड़े फायदे

Yoga Beginners Tips: योगासन करते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 

Health Benefits Of Yoga: योग के शारीरिक स्वास्थ्य लाभ क्या हैं? जानिए इसके प्रभाव 


(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी योग और आयुर्वेद से संबंधित सामान्य जानकारियों, परंपरागत मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। जीवांजलि इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए किसी योग्य चिकित्सक, योग विशेषज्ञ या आयुर्वेदाचार्य से परामर्श अवश्य लें।)

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel