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Shri Ram Ka Nanihal Kaha Hai: कहां है श्रीराम जी का ननिहाल? जानिए माता कौशल्या के मायके की कहानी

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Shri Ram Ka Nanihal Kaha Hai: अयोध्या के राजा दशरथ की तीन रानियां थीं। कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी। माता कौशल्या के गर्भ से भगवान राम का जन्म हुआ। सुमित्रा के दो पुत्र लक्ष्मण और शत्रुघ्न थे, जबकि कैकेयी का एक पुत्र भरत था।

Shri Ram Ka Nanihal Kaha Hai
Shri Ram Ka Nanihal Kaha Hai: अयोध्या के राजा दशरथ की तीन रानियां थीं। कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी। माता कौशल्या के गर्भ से भगवान राम का जन्म हुआ। सुमित्रा के दो पुत्र लक्ष्मण और शत्रुघ्न थे, जबकि कैकेयी का एक पुत्र भरत था। तीनों माताएं राम से बहुत प्रेम करती थीं और राम भी उनका समान रूप से सम्मान करते थे। रामायण के अनुसार माता कौशल्या का मायका दक्षिण कोसल था, जिसे आज छत्तीसगढ़ के नाम से जाना जाता है।

जबकि माता सुमित्रा का मायका बिहार का राजगीर क्षेत्र बताया जाता है। कई जगहों पर उन्हें काशी के राजा की पुत्री भी कहा गया है। माता कैकेयी केकय देश के राजा अश्वपति की पुत्री थीं। केकय पंजाब में गांधार का पूर्व क्षेत्र था, जिसे आजकल रावलपिंडी पेशावर के आसपास के क्षेत्र के रूप में पहचाना जाता है।

यज्ञदत्त, श्रुति कीर्ति, योगाचार्य मनु और न जाने कितने महापुरुषों को भगवान श्री राम का मामा कहा जाता है । आज इस खबर में हम आपको श्री राम के ननिहाल के बारे में बताएंगे कि उनके मामा कौन हैं, कहां रहते हैं और उनकी संख्या कितनी है। इन सब के बारे में विस्तार से जानेंगे।

कहां है श्री राम का ननिहाल

माता कौशल्या के पिता का नाम सुकौशल था। जो महाकौशल राज्य के राजा थे। कौशल प्रदेश कहां स्थित है। इतिहासकारों और विद्वानों ने अलग-अलग वर्णन किया है। कुछ इतिहासकार गोरखपुर को उत्तर प्रदेश में बताते हैं, जबकि एक हिंदू ग्रंथ में दक्षिण भारत (ओडिशा) का भी जिक्र है, लेकिन ज्यादातर इतिहासकार और जिस तरह से महाकौशल का भौगोलिक वर्णन किया गया है, उससे यह क्षेत्र वर्तमान में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पाया जाता है।

यही वजह है कि श्री राम ने वनवास के लिए चित्रकूट को चुना। चित्रकूट के एक तरफ अयोध्या है तो दूसरी तरफ महाकौशल। आज भी यह इस तरह से अलग है कि इसे अलग करके देखा जा सकता है। यहां की संस्कृति से लेकर वनस्पति तक सब कुछ आसपास के इलाके से थोड़ा अलग है।

श्री राम के मामा का नाम

राजा सुकौशल और रानी अमृतप्रभा के किसी पुत्र या संतान का उल्लेख नहीं मिलता। यही कारण है कि महाकौशल की पूरी जनता माता कौशल्या को अपनी बहन और भगवान श्री राम को अपना भांजा मानती है और इसीलिए महाकौशल क्षेत्र में मामा अपने भांजों के पैर छूते हैं। उनकी पूजा करते हैं। श्री राम का जन्म त्रेता युग में हुआ था। उसके बाद द्वापर युग और वर्तमान में कलियुग चल रहा है लेकिन यह परंपरा आज भी जीवित है, दरअसल यह परंपरा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुछ इलाकों में फैल चुकी है।

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