Why is Kalash Sthapana: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन आदि में कलश स्थापना को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि पूजा या अनुष्ठान के समय के दौरान कलश स्थापना न करने से पूजा अधूरा रहता है,
Why is Kalash Sthapana: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन आदि में कलश स्थापना को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि पूजा या अनुष्ठान के समय के दौरान कलश स्थापना न करने से पूजा अधूरा रहता है, साथ ही साथ जिस कार्य के लिए अनुष्ठान किया जाता है वह कार्य अधूरा माना जाता है और उसका कोई फल नहीं मिलता।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार विवाह संस्कार हो या मुंडन संस्कार, सभी शुभ कार्यों की पूर्णता के लिए कलश स्थापना आवश्यक है। कलश के ऊपरी भाग में भगवान विष्णु, कंठ (मध्य) में भगवान शिव (रुद्र) और मूल भाग में ब्रह्मा का वास माना जाता है। कलश में जल और अन्य सामग्री रखने से वरुण देव के साथ सभी देवी-देवता उसमें वास करते हैं।
कलश से मिलती है देवी-देवताओं की कृपा
ज्योतिष के अनुसार कलश स्थापित करने से भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश समेत सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और कार्य निर्विघ्न संपन्न होता है। जिस तरह किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है, उसी तरह कलश स्थापना से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।
मिट्टी का कलश सबसे शुभ होता है
धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी मांगलिक कार्यक्रम में मिट्टी का कलश स्थापित किया जाता है, क्योंकि मिट्टी का कलश सबसे शुभ होता है। ज्योतिषियों के अनुसार, यदि मिट्टी का कलश नहीं हो तो आप तांबे का कलश भी स्थापित कर सकते हैं।, लेकिन आजकल लोग स्टील या अन्य धातुओं से बने कलश का उपयोग करते हैं, जो शास्त्रों के अनुसार उचित नहीं है।
पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि मिट्टी को पवित्र माना जाता है और इससे बने कलश से साधकों को सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।