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Jagannath Rath Yatra 2025: आखिर कब से शुरू होगी जगन्नाथ यात्रा, जानिये यात्रा का महत्व

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Jagannath Rath Yatra 2025: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ को समर्पित एक भव्य मंदिर है। हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू होती है।

Jagannath Rath Yatra 2025
Jagannath Rath Yatra 2025: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ को समर्पित एक भव्य मंदिर है। हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू होती है। लेकिन क्या आपको पता है इस साल यानी 2025 में जगन्नाथ यात्रा कब से शुरू हो रही है। अगर नहीं तो आइए इस खबर में जगन्नाथ यात्रा के बारे में विस्तार से जानते हैं। साथ ही इस यात्रा के महत्व के बारे में भी जानेंगे।

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा

हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष में ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाती है। इस रथ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। रथ यात्रा में तीन रथों की शोभायात्रा निकाली जाती है।

यात्रा कब शुरू होगी?

वैदिक पंचांग के अनुसार, जगन्नाथ यात्रा आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि यानी 26 जून को दोपहर 01 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगी। वहीं इस यात्रा की समाप्ति 27 जून को सुबह 11 बजकर 19 मिनट पर होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार जगन्नाथ रथ यात्रा 27 जून से शुरू होगी।

तीन रथों पर निकाली जाएगी यात्रा

जगन्नाथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ के साथ ही बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को तीन रथों पर विराजमान होते हैं। इसके साथ ही इस रथ यात्रा में सबसे आगे बड़े भाई बलराम जी का रथ होता है। बीच में बहन सुभद्रा और पीछे भगवान जगन्नाथ जी का रथ चलता है।

भगवान जगन्नाथ का रथ

भगवान बलराम और देवी सुभद्रा का रथ लाल रंग का होता है और भगवान जगन्नाथ का रथ पीले या लाल रंग का होता है।

क्यों निकाली जाती है रथ यात्रा?

धार्मिक मान्यता के अनुसार एक बार भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा को नगर देखने का मन हुआ। यह देखकर भगवान जगन्नाथ ने अपनी बहन सुभद्रा को रथ पर बिठाया और नगर भ्रमण कराया। इस दौरान वे 7 दिनों तक अपनी मौसी के घर भी रुके, जिसे देवी अर्धाशिनी के मंदिर के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि तभी से हर साल भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है।

कब समाप्त होती है रथ यात्रा?

देवशयनी एकादशी से पहले भगवान जगन्नाथ अपने मंदिर लौट आते हैं। इसके बाद भगवान करीब 4 महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं।

जगन्नाथ रथ यात्रा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में भाग लेने और भगवान के दर्शन करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही रथ खींचने से सुख-समृद्धि बढ़ती है। इसके साथ ही जगन्नाथ भगवान का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

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