Agni Panchak 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ब्रह्मांड में कुल नक्षत्रों की संख्या 27 होते हैं। नक्षत्रों में इसकी शुरुआत अश्विनी नक्षत्र से होती है। बता दें कि सबसे अंतीम नक्षत्र रेवती होती है।
Agni Panchak 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ब्रह्मांड में कुल नक्षत्रों की संख्या 27 होते हैं। नक्षत्रों में इसकी शुरुआत अश्विनी नक्षत्र से होती है। बता दें कि सबसे अंतीम नक्षत्र रेवती होती है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन सभी नक्षत्रों में चंद्रमा समय-समय पर भ्रमण करता है, जब चंद्रमा अंतिम 5 नक्षत्रों धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा भाद्रपद और रेवती में होता है, तो उस दौरान पंचक लगता है।
पंचक काल को शुभ नहीं माना जाता है। पंचक में किए गए काम जीवन में दुख, परेशानी और संकट लाते हैं, इसीलिए पंचक के 5 दिनों तक कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। कुछ चीजों की खरीदारी भी वर्जित होती है क्योंकि ये परेशानी पैदा करती हैं।
अग्नि पंचक 2025 कब शुरू होगा?
इस साल अग्नि पंचक 20 मई 2025 को सुबह 7.35 बजे शुरू हो रहा है और यह 24 मई को दोपहर 1.48 बजे खत्म होगा।
अग्नि पंचक क्या है?
मंगलवार को शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक कहते हैं। इस पंचक में आग लगने का डर रहता है। अग्नि पंचक में किसी भी तरह का निर्माण कार्य, औजार और मशीनरी का काम शुरू करना अशुभ माना जाता है। इनसे नुकसान हो सकता है।