विज्ञापन
Home  dharm  why ganga flows backward in which city of india does maa ganga flow backwards know reason behind it

Why Ganga Flow Backward: भारत के किस शहर में उल्टी बहती है मां गंगा, जानें इसके पीछे का कारण

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Why Ganga Flow Backward: भारत में गंगा नदी को सिर्फ एक नदी नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक भी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा नदी में डुबकी लगाने से सारे पापों से मुक्ति मिलती है।

Why Ganga Flow Backward
Why Ganga Flow Backward: भारत में गंगा नदी को सिर्फ एक नदी नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक भी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा नदी में डुबकी लगाने से सारे पापों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही पूजा-पाठ से लेकर जीवन के अंतिम संस्कार तक हर काम में गंगा जल का इस्तेमाल किया जाता है। 

लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसी जगह भी है जहां गंगा उल्टी दिशा में बहती है? यानी अपनी सामान्य दिशा से उलटी दिशा में। यह जितना हैरान करने वाला है, उतना ही दिलचस्प भी है। इस जगह का नाम है काशी या जिसे हम वाराणसी के नाम से भी जानते हैं।

 
Why Ganga Flow Backward

काशी की गिनती दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में होती है और हिंदू धर्म में इसे बहुत पवित्र माना जाता है। यहां मृत्यु को मोक्ष का द्वार माना जाता है। इस शहर में गंगा का प्रवाह अन्य जगहों से अलग है। यहां गंगा उत्तर की ओर नहीं बल्कि दक्षिण की ओर बहती नजर आती है। यहां गंगा नदी अन्य जगहों से उलटी दिशा में बहती है।

गंगा के उल्टी दिशा में बहने का क्या कारण है?

Why Ganga Flow Backward
गंगा के उल्टी दिशा में बहने के पीछे एक पौराणिक कथा है। ऐसी मान्यता है कि जब गंगा मां स्वर्ग से धरती पर उतरीं तो उनका वेग बहुत तेज था। बहते हुए वे काशी के पास से गुजर रही थीं। उस समय भगवान दत्तात्रेय वहां ध्यान कर रहे थे। भगवान का कमंडल और आसन गंगा की तेज धारा में बह गया। 

 
Why Ganga Flow Backward
जब उन्हें इस बात का पता चला तो उन्होंने गंगा से अपना सामान वापस करने को कहा। गंगा ने माफी मांगी और उनका कमंडल और आसन वापस कर दिया। इसके बाद गंगा ने अपना प्रवाह बदल लिया और उल्टी दिशा में बहने लगीं। कहा जाता है कि यह परिवर्तन भगवान दत्तात्रेय के सम्मान में हुआ था।

इसके पीछे क्या कारण है?

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो काशी में गंगा के उल्टी दिशा में बहने का एक भौगोलिक कारण भी है। दरअसल, काशी के पास गंगा नदी धनुष की तरह मुड़ जाती है। पहले यह पूर्व की ओर जाती है, फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ जाती है। 

 
ganga river
इसी कारण गंगा का प्रवाह उल्टी दिशा में प्रतीत होता है। यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि धरती की संरचना का प्रभाव है। लेकिन धार्मिक आस्था से जुड़े होने के कारण लोग इसे दैवीय चमत्कार मानते हैं।

इसका धार्मिक प्रभाव क्या है?

गंगा का उल्टा प्रवाह बहुत शुभ माना जाता है। हर साल लाखों लोग यहां गंगा स्नान करने आते हैं। उनका मानना है कि यहाँ स्नान करने से जीवन के सभी पाप धुल जाते हैं। काशी की यही विशेषता इसे अन्य तीर्थस्थलों से अलग बनाती है। भक्त इसे भगवान का आशीर्वाद मानते हैं।

यह भी पढ़ें- Rishikesh Divya Kund: ऋषिकेश के इस कुंड में विराजमान हैं मां यमुना, दर्शन मात्र से मिट जाते हैं पाप

यह भी पढ़ें- Kalashtami upay 2025: राहु-केतु के टेढ़ी नजर से बचने के लिए करें कालाष्टमी पर ये खास उपाय, खुल जाएगी किस्मत

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel