Kalashtami upay 2025: सनातन धर्म में प्रत्येक तिथि और प्रत्येक दिन का महत्व है। क्योंकि तिथि और दिनों के बारे में विस्तार से शास्त्रों में बताया गया है। वैदिक पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है।
Kalashtami upay 2025: सनातन धर्म में प्रत्येक तिथि और प्रत्येक दिन का महत्व है। क्योंकि तिथि और दिनों के बारे में विस्तार से शास्त्रों में बताया गया है। वैदिक पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन भगवान शिव के रौद्र रूप यानी काल भैरव की पूजा की जाती है।
मान्यता है कि काल भैरव की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कालाष्टमी के दिन तंत्र साधना के लिए बेस्ट बताया गया है। साथ ही इस दिन जो तंत्र साधक होते हैं, उनके लिए यह दिन पूजा-पाठ के लिए बहुत ही शुभ होता है।
यदि आप भी कालाष्टमी के दिन ज्योतिष उपाय करना चाहते हैं तो कर सकते हैं। मान्यता है क इस दिन कुछ ज्योतिषिय उपाय करने से जीवन के संकट दूर हो सकते हैं। तो उन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
जानिए कब मनाई जाएगी कालाष्टमी?
वैदिक पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 20 मई को सुबह को 05 बजकर 51 मिनट पर होगी। इसके साथ ही इस तिथि की समाप्ति अगले दिन यानी 21 मई को सुबह को 04 बजकर 55 मिनट पर होगी। उदयातिथि के अनुसार मासिक कालाष्टमी का व्रत 20 दिन मंगलवार को रखा जाएगा।
कालाष्टमी व्रत का महत्व
काल भैरव भगवान शिव का रौद्र रूप हैं, जो भी व्यक्ति कालाष्टमी के दिन काल भैरव बाबा की विधि-विधान से पूजा करता है, उसके सभी पाप, कष्ट, दुख और पीड़ा दूर हो जाती है। इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से भगवान शिव की कृपा आप पर बनी रहती है। कुंडली में मौजूद राहु दोष भी दूर हो सकता है।
कालाष्टमी पर करें ये उपाय
शास्त्रों के अनुसार काला रंग भगवान शनि महाराज को समर्पित है। कालाष्टमी के दिन काले कपड़े दान करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और प्रेम जीवन में आ रही परेशानियां दूर होती हैं।
कालाष्टमी के दिन उड़द की दाल दान करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। उड़द की दाल का संबंध भी शनि ग्रह से माना जाता है। इससे प्रेम जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार काले तिल को शनि ग्रह से संबंधित माना जाता है और शनि ग्रह प्रेम और विवाह का कारक ग्रह है। काले तिल का दान करने से शनिदेव की कृपा मिलती है, जिससे प्रेम संबंधों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है।
कालाष्टमी के दिन जूते दान करने से राहु ग्रह की पीड़ा दूर होती है, जो अक्सर प्रेम जीवन में बाधाएं उत्पन्न करता है।
कालाष्टमी के दिन चावल का दान करना भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लाभकारी होता है। इससे प्रेम जीवन में सद्बुद्धि आती है। यह भी पढ़ें- Panchmukhi Rudraksha: पंचमुखी रुद्राक्ष के पहनने का क्या होता है नियम, जानिए इसके लाभ
यह भी पढ़ें- 26 May Events: क्यों माना जा रहा है 26 मई का दिन सबसे खास, जानें क्या है खास वजह