Rishikesh Divya Kund: उत्तराखंड में स्थित ऋषिकेश भारत के सबसे आध्यात्मिक स्थलों में से एक है। यहां की गंगा आरती, मंदिर, तपोभूमि और घाटों की दिव्यता, दुनिया भर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।
Rishikesh Divya Kund: योग नगरी और पवित्र तीर्थ स्थल के रूप में विख्यात उत्तराखंड में स्थित ऋषिकेश भारत के सबसे आध्यात्मिक स्थलों में से एक है। यहां की गंगा आरती, मंदिर, तपोभूमि और घाटों की दिव्यता, दुनिया भर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट के पास स्थित ऋषि कुंड न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ऐतिहासिक और रहस्यमयी दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह कुंड अपनी पौराणिक कथाओं, दिव्य उपस्थिति और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।
ऋषिकेश का दिव्य कुंड
ऋषि कुंड का इतिहास ऋषि कुब्जामरक से जुड़ा है। कहा जाता है कि उन्होंने कठोर तपस्या करके मां यमुना को प्रसन्न किया था। ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर मां यमुना ने ऋषिकेश में स्थित इस कुंड को अपने जल से भर दिया और तब से यहां यमुना का पवित्र जल मौजूद है। यह स्थान दिव्यता और तपस्या की ऊर्जा से भरा हुआ है।
इस कुंड के पास भगवान राम और माता सीता का एक प्राचीन मंदिर स्थित है, जिसे रघुनाथ मंदिर कहा जाता है। इस मंदिर का प्रतिबिंब कुंड के पानी में साफ देखा जा सकता है, जो इस स्थान की अलौकिकता को और बढ़ा देता है।
ऋषि कुंड का रोचक इतिहास
एक अन्य कथा के अनुसार एक दिन भगवान शिव माता पार्वती के साथ स्वामी कार्तिकेय से मिलने कैलाश से जा रहे थे। यात्रा के दौरान माता पार्वती की नजर ऋषि कुब्जा मृग पर पड़ी, जो प्रतिदिन यमुना में स्नान करने जाते थे।
जब माता पार्वती को इस बात का पता चला तो वे ऋषि की भक्ति और श्रद्धा से प्रभावित हुईं और यमुना मां को ऋषि के निवास पर स्थायी रूप से निवास करने का आदेश दिया।
इसके बाद जब ऋषि वहां पहुंचे तो यमुना मां उनके कमंडल में समा गईं और उनके साथ ही इस कुंड में स्थापित हो गईं। आज भी ऐसी मान्यता है कि ऋषि कुंड में यमुना मां विद्यमान हैं और यहां स्नान करने से पापों का नाश होता है। देश-विदेश से श्रद्धालु इस पवित्र स्थान के दर्शन करने और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने आते हैं। यह भी पढ़ें- Mysterious Temple: ये है उत्तराखंड के 5 प्रसिद्ध और रहस्यमयी मंदिर, जहां देखने को मिलते हैं चमत्कार
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