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vrindavan Famous ghats: वृंदावन के ये हैं सबसे खूबसूरत और रहस्यमयी घाट, जानें इसका इतिहास

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

vrindavan Famous ghats : उत्तर प्रदेश के वाराणसी को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है। गंगा नदी के किनारे बसा बनारस अपने खूबसूरत घाटों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। वैसे तो वाराणसी में अनगिनत घाट हैं।

vrindavan Famous ghats
vrindavan Famous ghats : उत्तर प्रदेश के वाराणसी को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है। गंगा नदी के किनारे बसा बनारस अपने खूबसूरत घाटों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। वैसे तो वाराणसी में अनगिनत घाट हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ वाराणसी ही नहीं बल्कि वृंदावन के कुछ घाट भी पर्यटकों के बीच काफी मशहूर हैं। इन्हें देखकर आप अपनी ट्रिप में और चार चांद लगा सकते हैं।

यमुना नदी के किनारे बसे वृंदावन में भगवान कृष्ण ने अपना बचपन बिताया था। जिस वजह से वृंदावन को अनगिनत कृष्ण लीलाओं का साक्षी माना जाता है। वहीं वृंदावन के खूबसूरत घाट भी कृष्ण की यादों से अछूते नहीं हैं। यदि आप वृंदावन की यात्रा करने के लिए जा रहे हैं और इस दौरान कुछ मशहूर घाटों की सैर करना चाहते हैं तो आप अपनी ट्रिप को शानदार बना सकते हैं। तो आइए जानते हैं वृंदावन के कुछ मशहूर घाटों और उनसे जुड़ी कई अनूठी खूबियों के बारे में।

कालिया मर्दन घाट

वृंदावन में स्थित कालिया मर्दन घाट भगवान कृष्ण और कालिया नाग की कहानी को दर्शाता है। जिसके अनुसार इसी घाट पर भगवान कृष्ण ने कालिया नाग को वश में कर उसके फन पर नृत्य किया था।

बिहार घाट

वृंदावन का बिहार घाट भगवान कृष्ण की कई लीलाओं का साक्षी भी माना जाता है। मान्यता है कि बचपन में कृष्ण अपने बड़े भाई बलराम और अन्य ग्वालों के साथ गाय चराते समय इसी घाट पर भोजन करते थे। इसी घाट के किनारे कृष्ण ने कई लीलाएं भी की थीं।

गोविंद घाट

वृंदावन का गोविंद घाट अपने महारास के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। पौराणिक कथाओं के अनुसार जब गोपियों ने महारास का आयोजन किया था, तब भगवान कृष्ण इसी घाट पर प्रकट हुए थे। जिसके बाद से इस घाट को गोविंद घाट के नाम से जाना जाने लगा। आज भी इस घाट पर साल भर रास लीलाएं होती रहती हैं।

चीर घाट

वृंदावन में स्थित चीर घाट भगवान कृष्ण की वस्त्र चुराने की लीला का प्रतीक है। मान्यताओं के अनुसार यमुना नदी के इसी घाट पर भगवान कृष्ण ने गोपियों के वस्त्र चुराए थे। कहा जाता है कि इस लीला के माध्यम से भगवान गोपियों को संदेश देना चाहते थे कि वे बिना वस्त्र पहने नदी में स्नान न करें। क्योंकि मान्यता के अनुसार बिना वस्त्र पहने नदी में स्नान करने से वरुण दोष लगता है। चीर घाट के किनारे भगवान कृष्ण का नृत्य गोपाल मंदिर भी मौजूद है। 

वंशीवट घाट 

वृंदावन का वंशीवट घाट रासलीला के लिए भी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि जब कृष्ण वंशीवट घाट पर बांसुरी बजाते थे तो राधा रानी समेत सभी गोपियां मंत्रमुग्ध होकर नृत्य करने लगती थीं। राधा रानी और सभी गोपियां इस घाट पर बांसुरी की धुन में खोकर पूरी रात महारास किया करती थीं। जिसके कारण आज भी वृंदावन आने वाले कई श्रद्धालु वंशीघाट के महारास में भाग लेना नहीं भूलते। 

जगन्नाथ घाट 

जगन्नाथ घाट का नाम भी वृंदावन के प्रसिद्ध घाटों में गिना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ का रथ पुरी से निकलने के बाद यमुना नदी के तट पर स्थित इसी घाट पर पहली बार रुका था, जिसके बाद यहां भगवान जगन्नाथ का मंदिर भी स्थापित किया गया।

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