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Delhi Kalibari Temple: दिल्ली के इस मंदिर में लगता है माता को शराब का भोग, जानें कालीबाड़ी मंदिर का रहस्य

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Delhi Kalibari Temple: दिल्ली के बिरला मंदिर के पास स्थित हिंदू बंगाली समुदाय का एक मंदिर है, जिसे कालीबाड़ी मंदिर के नाम से जाना जाता है।

Delhi Kalibari Temple
Delhi Kalibari Temple: दिल्ली के बिरला मंदिर के पास स्थित हिंदू बंगाली समुदाय का एक मंदिर है, जिसे कालीबाड़ी मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह छोटा सा मंदिर माता पार्वती के रौद्र रूप में माता काली को समर्पित है, जहां नवरात्रि के दिनों में कई भव्य कार्यक्रम का आयोजन होता है। कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण कोलकाता के कालीघाट मंदिर के आधार पर ही किया गया है। यह मंदिर की पेंटिंग से देखने में काफी आकर्षक है। माता के इस दरबार में माथा टेंकने के लिए काफी दूर-दूर से लोग आते हैं।

भक्तों की मुरादे होती हैं पूरी

मंदिर परिसर में एक विशाल पीपल का पेड़ है, जिसे लेकर भी काफी व्याख्याएं हैं। कहा जाता है कि इस पेड़ पर लाल धागा बांधने की पूरी मान्यता है। इस मंदिर परिसर में आने वाले बस्तर जनजाति के लिए भी दर्शनीय स्थलों की व्यवस्था है, जहां पर सभी वास्तुशास्त्री विश्राम करते हैं और विश्राम करते हैं। परिसर में एक पुराना पुस्तकालय भी है, जहां कई सारी पुस्तकें उपलब्ध हैं।

मंदिर में लगाया जाता है माता को शराब का भोग

बता दें कि दिल्ली के कालीबाड़ी मंदिर में माता को प्रसन्न करने के लिए शराब का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि शराब का भोग लगाने से माता सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। 

काली घाट मंदिर की तरह ही दिखता है कालीबाड़ी मंदिर

दिल्ली में स्थित यह मंदिर बस्तर संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। यहां मनाई जाने वाली दुर्गा पूजा दिल्ली के सबसे पुराने दुर्गा पंडालों में से एक होता है। यहां प्रत्येक वर्ष नवरात्रि के मुख्य पर्व पर भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिलती है। इस मंदिर में स्थापित मूर्ति भी कोलकाता के कालीघाट मंदिर के देखते हुए बनाई गई है, जो दिखने में बिल्कुल हूबहू वैसा ही नजर आती है। वर्ष 1935 ईस्वी में सुभाष चंद्र बोस ने इस मंदिर की समिति बनवाई थी, जिसके भवन का उद्घाटन सर जस्टिस मनमाथा नाथ मुखर्जी ने किया था।

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