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Varuthini Ekadashi 2025: 23 या 24 अप्रैल! कब है वरुथिनी एकादशी? जानिए व्रत से जुड़े नियम, महत्व और पूजा विधि

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
निधि
सार

पंचांग के अनुसार इस बार यह 23 अप्रैल 2025 को शाम 4:43 बजे शुरू होगी और 24 अप्रैल 2025 को दोपहर 02:32 बजे समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार वरुथिनी एकादशी व्रत 24 अप्रैल, गुरुवार को रखा जाएगा. 

Varuthini Ekadashi 2025
Varuthini Ekadashi 2025 Date and Timing: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी व्रत का बहुत महत्व होता है और इस व्रत को रखने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है. हर महीने दो एकादशी व्रत आते हैं और हर एकादशी अपने आप में बहुत खास होती है. अभी वैशाख का महीना चल रहा है और इस महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहते हैं. लेकिन लोग इसकी तिथि को लेकर काफी असमंजस में रहते हैं. आइए जानते हैं इस बार वरुथिनी एकादशी का व्रत कब है, शुभ मुहूर्त और इसका महत्व.

वरुथिनी एकादशी 2025 कब है? (Varuthini Ekadashi 2025 Kab Hai )

वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहते हैं. पंचांग के अनुसार इस बार यह 23 अप्रैल 2025 को शाम 4:43 बजे शुरू होगी और 24 अप्रैल 2025 को दोपहर 02:32 बजे समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार वरुथिनी एकादशी व्रत 24 अप्रैल, गुरुवार को रखा जाएगा. 

25 अप्रैल को पारण (व्रत तोड़ने) का समय - सुबह 05:46 से 08:23 बजे तक 
पारण तिथि पर द्वादशी समाप्ति का समय - सुबह 11:44 बजे

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वरुथिनी एकादशी व्रत नियम (Varuthini Ekadashi Vrat Niyam)

- इस दिन तामसिक भोजन और विचारों से दूर रहे. इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को अपने मन, वचन और कर्म तीनों को शुद्ध रखना जरूरी है. 

-  इस दिन व्रत पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए. और व्रत  का संकल्प लेना चाहिए. 

-  पूजा में पंचामृत, तुलसी का पत्ता, पीले फूल, दीपक, चंदन, केसर, हल्दी, धूप, गंध, आदि का प्रयोग किया जाता है. 

- वरुथिनी एकादशी के दिन व्रत कथा का श्रवण अवश्य करें.

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- भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप तुलसी की माला से अवश्य करें.


- वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की किसी पीली चीज का भोग लगाएं. 

- पूजा का समापन भगवान विष्णु की आरती और मंत्र ओम जय जगदीश हरे से करें

- इस दिन व्रती  बाल, नाखून, दाढ़ी न काटें. इस दिन स्नान के समय साबुन का इस्तेमाल न करें. 

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