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Sawan Somvar Vrat: सावन सोमवार व्रत में क्या खाएं और क्या न खाएं, जानें फलाहार के नियम

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Vrat Niyam: सावन सोमवार का व्रत श्रद्धा, भक्ति और आत्मसंयम का प्रतीक है। इस दिन फलाहार के नियमों का पालन करते हुए सात्विक और पौष्टिक भोजन करना चाहिए तथा तामसिक और भारी भोजन से बचना चाहिए।
 

Vrat Niyam
Sawan Somvar Vrat Importance: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने में आने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर व्रत रखते हैं और सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। सावन सोमवार का व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं है, बल्कि मन, वचन और कर्म से संयम रखने का भी संदेश देता है। इसलिए व्रत के दौरान सात्विक भोजन और शुद्ध आचरण को विशेष महत्व दिया जाता है।

सावन सोमवार व्रत में क्या खाएं?

सावन सोमवार के व्रत में फलाहार किया जाता है। इस दौरान ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है जो हल्के, सात्विक और आसानी से पचने वाले हों। व्रत में ताजे मौसमी फल जैसे केला, सेब, पपीता, अमरूद, अनार और तरबूज खाए जा सकते हैं। नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों का रस भी शरीर को ऊर्जा और पानी की कमी से बचाने में मदद करता है।

फलाहार में दूध, दही, छाछ और घर पर बना मखाने की खीर भी खाई जा सकती है। मखाना, बादाम, काजू, किशमिश और अखरोट जैसे सूखे मेवे भी शरीर को पर्याप्त पोषण देते हैं। इसके अलावा साबूदाना की खिचड़ी, साबूदाना वड़ा, सिंघाड़े के आटे की रोटी, कुट्टू के आटे के पकवान, राजगीरा, सामक के चावल और शकरकंद का सेवन भी व्रत में किया जाता है। यदि आप पूरे दिन का उपवास कर रहे हैं तो शाम के समय इन चीजों का संतुलित मात्रा में सेवन करने से शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती है।
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सावन सोमवार व्रत में क्या न खाएं?

सावन सोमवार के व्रत में सामान्य अनाज जैसे गेहूं, चावल, मक्का, जौ और दालों का सेवन नहीं किया जाता। इसके साथ ही प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन से भी परहेज किया जाता है। मांसाहार, अंडा, शराब, तंबाकू और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन पूरी तरह वर्जित माना जाता है। 

व्रत के दौरान अधिक मसालेदार, तला-भुना और बाजार का जंक फूड खाने से भी बचना चाहिए। कई लोग स्वाद बढ़ाने के लिए साधारण नमक का उपयोग करते हैं, जबकि व्रत में केवल सेंधा नमक का ही प्रयोग करना उचित माना जाता है। बासी भोजन और अधिक तेल में बने व्यंजनों से भी दूरी रखनी चाहिए, क्योंकि इससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

फलाहार के नियम

सावन सोमवार के व्रत में फलाहार के कुछ नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है। सुबह स्नान करने के बाद भगवान शिव की पूजा करके ही व्रत की शुरुआत करनी चाहिए। भोजन हमेशा शुद्ध, ताजा और सात्विक होना चाहिए। व्रत के दौरान जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। फलाहार हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा खाने से व्रत का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। यदि स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या हो या लंबे समय तक भूखे रहने में कठिनाई हो, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्रत रखें और समय-समय पर हल्का फलाहार लेते रहें। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को भी अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
 
शिव जी

व्रत के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

सावन सोमवार के दिन केवल भोजन पर ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और विचारों पर भी संयम रखना चाहिए। भगवान शिव का मंत्र जाप, शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है। क्रोध, झूठ और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। पूरे दिन सकारात्मक सोच रखें और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का प्रयास करें। ऐसा माना जाता है कि सच्ची श्रद्धा, भक्ति और सात्विक जीवनशैली के साथ रखा गया सावन सोमवार का व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनता है।

भगवान शिव की भक्ति जीवन का हिस्सा 

सावन सोमवार का व्रत श्रद्धा, भक्ति और आत्मसंयम का प्रतीक है। इस दिन फलाहार के नियमों का पालन करते हुए सात्विक और पौष्टिक भोजन करना चाहिए तथा तामसिक और भारी भोजन से बचना चाहिए। सही तरीके से रखा गया व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, बल्कि शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने में भी सहायक होता है। इसलिए व्रत के दौरान शुद्ध आहार, सकारात्मक विचार और भगवान शिव की भक्ति को जीवन का हिस्सा बनाना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है।

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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