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Tulsidas Jayanti Significance: 19 या 20 अगस्त कब है तुलसीदास जयंती, जानिए सही तिथि और महत्व

जीवांजलि धार्मिक डेस्कPublished by:
कोमल शर्मा
सार

Tulsidas Jayanti Significance: हिंदू परंपरा में, उन संतों और आध्यात्मिक साधकों का बहुत सम्मान है जिन्होंने आम लोगों के बीच भक्ति का मार्ग फैलाया। इन महान संतों में गोस्वामी तुलसीदास सबसे प्रमुख हैं।

Tulsidas Jayanti Significance:
Tulsidas Jayanti Significance: हिंदू परंपरा में, उन संतों और आध्यात्मिक साधकों का बहुत सम्मान है जिन्होंने आम लोगों के बीच भक्ति का मार्ग फैलाया। इन महान संतों में गोस्वामी तुलसीदास सबसे प्रमुख हैं। उनकी जयंती, जिसे तुलसीदास जयंती के नाम से जाना जाता है हर साल बहुत सम्मान भक्ति और उत्साह के साथ मनाई जाती है। आइए जानते हैं कि 2026 में तुलसीदास जयंती किस तारीख को है और इस दिन का क्या महत्व है।

2026 में तुलसीदास जयंती कब मनाई जाएगी?

दृक पंचांग के अनुसार, सप्तमी तिथि 18 अगस्त 2026 को शाम 5:50 बजे शुरू होगी और 19 अगस्त 2026 को शाम 7:19 बजे समाप्त होगी। इसलिए, उदय तिथि के आधार पर, तुलसीदास जयंती 19 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी।

गोस्वामी तुलसीदास कौन थे?

गोस्वामी तुलसीदास को हिंदी साहित्य और भगवान राम की भक्ति परंपरा के महान संत-कवियों में गिना जाता है। उनका पूरा जीवन भगवान राम की भक्ति और उनके आदर्शों के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित था। तुलसीदास ने भगवान राम की कहानी लोगों तक ऐसी भाषा में पहुंचाई जिसे आम आदमी आसानी से समझ सके। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना 'रामचरितमानस' है। इसमें भगवान राम के जीवन, आदर्शों, संघर्षों और धर्म  के पालन का बहुत ही मार्मिक वर्णन है। यही कारण है कि आज भी हर घर में 'रामचरितमानस' को श्रद्धा के साथ पढ़ा और सुना जाता है।

तुलसीदास जयंती क्यों महत्वपूर्ण है?

तुलसीदास जयंती केवल किसी संत की जयंती मनाने का अवसर नहीं है; यह उनकी शिक्षाओं और भक्ति के संदेश पर विचार करने का दिन भी है। भक्ति के साथ-साथ, तुलसीदास की रचनाएँ सत्य, धर्म, मर्यादा, करुणा और सदाचार का संदेश देती हैं। इस दिन भक्त तुलसीदास की रचनाओं का पाठ करते हैं और भगवान राम की पूजा करते हैं। कई जगहों पर रामचरितमानस का पाठ, भजन और कई धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। 

तुलसीदास जयंती पर क्या करें?

इस दिन भगवान श्री राम का ध्यान करना शुभ माना जाता है। भक्त घर पर भगवान राम की पूजा कर सकते हैं और रामचरितमानस या तुलसीदास की अन्य रचनाओं का पाठ कर सकते हैं। ज़रूरतमंदों को भोजन कराना या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी पुण्य का काम माना जाता है। तुलसीदास जयंती का मुख्य संदेश यह है कि जीवन में अच्छे कामों, सच्चाई और मर्यादा के साथ-साथ भक्ति को भी अपनाना चाहिए।

तुलसीदास जयंती का महत्व

गोस्वामी तुलसीदास ने सरल भाषा के ज़रिए भगवान श्री राम के चरित्र और आदर्शों को आम लोगों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी साहित्यिक रचनाओं ने भारतीय समाज और हिंदी साहित्य पर गहरा प्रभाव डाला। तुलसीदास जयंती उनके इस महत्वपूर्ण योगदान को याद करने का अवसर है।

गोस्वामी तुलसीदास के बारे में कुछ दिलचस्प बातें

1. माना जाता है कि वे महर्षि वाल्मीकि के अवतार थे।
2. वाराणसी का प्रसिद्ध तुलसी घाट इन्हीं हिंदू कवि के नाम पर रखा गया है।
3. माना जाता है कि प्रसिद्ध संकट मोचन मंदिर की स्थापना तुलसीदास ने ही की थी।
4. कहा जाता है कि वे अपनी माँ के गर्भ में 12 महीने रहे और जन्म के समय ही उनके मुँह में 32 दाँत थे।
5. जन्म के समय रोने के बजाय उन्होंने 'राम' नाम का उच्चारण किया, जिससे उन्हें 'रामबोला' नाम मिला।

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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

 


 

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