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Sawan Somwar: कब है सावन का चौथा सोमवार,जानिए शुभ मुहूर्त और महत्व

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
कोमल शर्मा
सार

Sawan Somwar: सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि यह महीना उन्हें बहुत प्रिय है। इस दौरान भक्त तय रीति-रिवाजों से महादेव की पूजा करते हैं और सावन के सोमवार को व्रत रखते हैं।

Sawan Somwar:
Sawan Somwar: सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि यह महीना उन्हें बहुत प्रिय है। इस दौरान भक्त तय रीति-रिवाजों से महादेव की पूजा करते हैं और सावन के सोमवार को व्रत रखते हैं। साथ ही इस समय कई बड़े त्योहार और व्रत भी आते हैं शास्त्रों के अनुसार इन मौकों पर भगवान शिव की पूजा करने से बहुत आध्यात्मिक पुण्य मिलता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि सावन का महीना गुरुवार 30 जुलाई को शुरू हुआ था। सावन कुछ दिनों में श्रावण पूर्णिमा के साथ खत्म होगा जिससे भाद्रपद महीने की शुरुआत होगी। आइए विस्तार से जानें कि सावन कब खत्म होगा सावन का आखिरी सोमवार और आखिरी मंगला गौरी व्रत कब है और श्रावण पूर्णिमा की तारीख क्या है।

सावन का आखिरी सोमवार व्रत कब है?

हिंदू धर्म में सावन के सोमवार व्रत का खास महत्व है। इस दिन भक्त जलाभिषेक करते हैं, व्रत रखते हैं और तय रीति-रिवाजों से भगवान शिव की पूजा करते हैं। माना जाता है कि सच्ची श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाने से भक्त को आध्यात्मिक पुण्य मिलता है। इस साल सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त को है।


 

सावन सोमवार पूजा के नियम

सावन का चौथा सोमवार पुत्रदा एकादशी के दिन पड़ रहा है। इसलिए, इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों की पूजा करना बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है।

सुबह स्नान करने के बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक या रुद्राभिषेक करें। साथ ही, भगवान शिव की षोडशोपचार पूजा करें। उन्हें बेलपत्र, भांग, धतूरा और आक के फूल चढ़ाएं।

भगवान शिव के बाद भगवान विष्णु की पूजा करना फायदेमंद माना जाता है। सावन पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु को पीले फूल और पीला चंदन का लेप चढ़ाएं। ध्यान रखें कि भोग में तुलसी के पत्ते ज़रूर शामिल हों।

भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद उनके सामने घी का दीपक जलाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

सावन सोमवार और एकादशी के शुभ संयोग के कारण, इस दिन दान करने से बहुत ज़्यादा और कभी न खत्म होने वाला पुण्य मिलता है। इसलिए, पूजा के बाद ज़रूरतमंदों को भोजन, कपड़े और अन्य ज़रूरी चीज़ें दान करें।

सावन का महत्व

सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष आशीर्वाद मिलता है। माना जाता है कि जो लोग इस दौरान माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं, उन्हें सुख और समृद्धि मिलती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार माता पार्वती ने भगवान भोलेनाथ को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी; इससे प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें अपनी पत्नी बनने का वरदान दिया। यह भी माना जाता है कि जो कोई भी सावन के सोमवार को पूरी श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा करता है, उसे मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। इसके अलावा, सावन के सोमवार का व्रत रखने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और राहु-केतु के बुरे प्रभावों को कम करने में मदद मिलती है।

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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

 

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