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Raksha Bandhan 2026: राखी टूट जाए तो क्या करना चाहिए? जानें रक्षाबंधन से जुड़ी शुभ-अशुभ धार्मिक मान्यता

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Raksha Bandhan 2026: कई बार राखी टूटे बिना ही कलाई से निकलकर जमीन पर गिर जाती है। ऐसी स्थिति में भी घबराने की जरूरत नहीं है। राखी को उठाकर साफ स्थान पर रख दें। 

Raksha Bandhan 2026:
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और रक्षा के संकल्प से जुड़ा माना जाता है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा का वचन देता है। कई बार राखी बांधने के कुछ समय बाद ही धागा टूट जाता है या राखी कलाई से खुलकर गिर जाती है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या राखी का टूटना अशुभ माना जाता है? अगर राखी अचानक टूट जाए तो उसे दोबारा बांधना चाहिए या नई राखी पहनानी चाहिए? आइए जानते हैं रक्षाबंधन से जुड़ी धार्मिक मान्यता...

राखी टूटने पर क्या करें

धार्मिक मान्यताओं में राखी को रक्षा सूत्र माना गया है, इसलिए अगर राखी कलाई से टूट जाए तो उसे अपशकुन मानकर घबराने की जरूरत नहीं होती। कई बार राखी का धागा कमजोर होने, कपड़े में फंसने या किसी काम के दौरान खिंचने से भी टूट सकता है। अगर राखी बांधने के कुछ समय बाद टूट जाए तो उसे संभालकर रख देना चाहिए। इसके बाद बहन भाई की कलाई पर नई राखी बांध सकती है। नई राखी बांधते समय भगवान का स्मरण करके भाई के सुख, स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की जाती है।

क्या टूटी राखी दोबारा बांधें

मान्यता के अनुसार एक बार टूट चुकी राखी को उसी रूप में दोबारा कलाई पर बांधने के बजाय नई राखी बांधना शुभ माना जाता है। अगर राखी केवल थोड़ी ढीली हुई है और पूरी तरह टूटी नहीं है तो उसे ठीक करके बांधा जा सकता है। लेकिन धागा पूरी तरह टूटकर अलग हो गया हो तो नई राखी का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। ऐसी स्थिति में पुरानी राखी को फेंकना नहीं चाहिए। उसे किसी साफ स्थान पर रख देना चाहिए और बाद में धार्मिक रीति के अनुसार सुरक्षित स्थान पर रखा जा सकता है।

राखी गिर जाए तो क्या करें

कई बार राखी टूटे बिना ही कलाई से निकलकर जमीन पर गिर जाती है। ऐसी स्थिति में भी घबराने की जरूरत नहीं है। राखी को उठाकर साफ स्थान पर रख दें। अगर राखी सही स्थिति में है और धागा नहीं टूटा है तो उसे दोबारा कलाई पर बांधा जा सकता है। अगर राखी जमीन पर गिरने के कारण गंदी हो गई है या उसका धागा खराब हो गया है तो नई राखी बांधना उचित माना जाता है।

राखी टूटने को लेकर क्या मान्यता है

रक्षा सूत्र का धार्मिक महत्व काफी पुराना माना जाता है। पूजा-पाठ में भी रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा रही है। इसी वजह से राखी को भी भाई की रक्षा और मंगलकामना से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक ग्रंथों में हर बार राखी टूटने को किसी निश्चित अनिष्ट का संकेत मानने की बात नहीं मिलती, इसलिए केवल राखी टूट जाने से किसी अनहोनी की आशंका करना उचित नहीं है।

टूटी राखी का क्या करें

अगर राखी पूरी तरह टूट गई है तो उसे इधर-उधर फेंकने के बजाय साफ जगह पर रख देना चाहिए। कई परिवारों में पुराने रक्षा सूत्र को पूजा स्थान के पास रखने की परंपरा होती है। कुछ लोग इसे किसी पेड़ के नीचे या अन्य पवित्र स्थान पर रखने की परंपरा भी निभाते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि टूटी हुई राखी को कूड़े में न फेंका जाए, क्योंकि इसे रक्षा सूत्र के रूप में सम्मान दिया जाता है।

क्या उसी दिन नई राखी बांध सकते हैं

अगर रक्षाबंधन के दिन ही राखी टूट जाए तो उसी दिन नई राखी बांधी जा सकती है। इसके लिए भाई की कलाई पर फिर से तिलक लगाकर और भगवान का स्मरण करके नई राखी बांधना शुभ माना जाता है। अगर घर में अतिरिक्त राखी उपलब्ध है तो उसी समय नई राखी बांध सकते हैं।

राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान

राखी बांधते समय सबसे पहले भाई को साफ आसन पर बैठाकर तिलक किया जाता है। इसके बाद आरती करके भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा जाता है। राखी बांधते समय भाई की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना की जाती है। राखी को बहुत ज्यादा कसकर नहीं बांधना चाहिए। धागा आराम से कलाई पर बंधा हो, ताकि हाथ की गतिविधियों के दौरान उस पर अनावश्यक दबाव न पड़े। कई बार बहुत ज्यादा कसकर बांधी गई राखी भी खिंचने या टूटने का कारण बन सकती है।


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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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