facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  saint stories  shivam sadhak ji maharaj told when is raksha bandhan august 27th or 28th

Shivam Sadhak Ji Maharaj: 27 या 28 अगस्त, कब है रक्षाबंधन? शिवम साधक जी महाराज ने बताई सही तिथि

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Rakhi Ceremony: रक्षाबंधन के दिन बहन जब अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तो वह उसके सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि और लंबी आयु की कामना करती है। वहीं भाई भी अपनी बहन की रक्षा करने और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है।
 

Shivam Sadhak Ji Maharaj
Raksha Bandhan Shubh Muhurat: हिन्दू धर्म में हर साल भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस बार रक्षाबंधन की तारीख को लेकर लोगों के बीच काफी असमंजस देखने को मिल रहा है कि आखिर 27 अगस्त को राखी मनाई जाए या 28 अगस्त को। पूर्णिमा तिथि और उदया तिथि को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में शिवम साधक जी महाराज ने रक्षाबंधन की तिथि और राखी बांधने के शुभ समय को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

शिवम साधक जी महाराज ने बताया कि पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह लगभग 9 बजकर 7 मिनट से शुरू होगी। यह पूर्णिमा तिथि अगले दिन यानी 28 अगस्त की सुबह लगभग 9 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। इस तरह देखा जाए तो पूर्णिमा तिथि का आरंभ 27 अगस्त को होगा, लेकिन 28 अगस्त की सुबह भी कुछ समय तक पूर्णिमा तिथि बनी रहेगी।

28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन

उदया तिथि के अनुसार, जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहती है, उस दिन पर्व मनाने की परंपरा मानी जाती है। इसी आधार पर शिवम साधक जी महाराज ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन का पावन पर्व 28 अगस्त को मनाया जाना चाहिए। इसलिए भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार को लेकर 27 और 28 अगस्त के बीच जो भ्रम बना हुआ है, उसमें 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की बात कही गई है।

राखी बांधने का शुभ समय

अब बात आती है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए शुभ समय कौन सा रहेगा। शिवम साधक जी महाराज के अनुसार, सुबह 5 बजकर 57 मिनट के आसपास से शुभ समय शुरू माना गया है। विशेष रूप से सुबह लगभग 6 बजे से लेकर 9 बजकर 48 मिनट तक का समय राखी बांधने के लिए शुभ बताया गया है।

भाई की लंबी आयु की कामना

मान्यता है कि रक्षाबंधन के दिन बहन जब अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तो वह उसके सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि और लंबी आयु की कामना करती है। वहीं भाई भी अपनी बहन की रक्षा करने और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। यही कारण है कि इस त्योहार में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है।

सुबह के समय मनाएं रक्षाबंधन

शिवम साधक जी महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा है कि भगवान की विशेष कृपा और शुभ फल की कामना रखने वाले लोग 28 अगस्त की सुबह लगभग 6 बजे से 9 बजकर 48 मिनट के बीच रक्षाबंधन का पावन त्योहार मनाएं। इस दौरान बहनें विधि-विधान और श्रद्धा के साथ अपने भाई को राखी बांधकर उसकी लंबी आयु और खुशहाल जीवन की प्रार्थना कर सकती हैं। रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और रिश्ते को मजबूत करने का पावन अवसर भी है। परिवार के सभी लोग मिलकर श्रद्धा और खुशी के साथ इस त्योहार को मनाएं और भगवान से सुख-शांति की कामना करें।

ये भी पढ़ें -  क्या होता है अभिजीत मुहूर्त , जानिए अभिजीत मुहूर्त का महत्व

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel