Bageshwar Dham: हनुमान जी को मंदिर और श्रीराम को उस मंदिर का देवता मानकर बाबा जी ने भक्ति का सुंदर अर्थ समझाया। हनुमान जी के हृदय में श्रीराम विराजमान हैं और श्रीराम के हृदय में हनुमान जी।
Spiritual Knowledge: बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने जीवन को सुंदर और मंगलमय बनाने का सरल मार्ग बताते हुए कहा कि मनुष्य को हमेशा खुला और प्रसन्न रहना चाहिए। जीवन में व्यस्तता जरूरी है, लेकिन व्यस्त रहने के साथ मस्त रहना भी जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चींटियां भी दिनभर अपने काम में व्यस्त रहती हैं, लेकिन मनुष्य को केवल व्यस्त नहीं, बल्कि आनंदित और सकारात्मक भी रहना चाहिए। जो व्यक्ति मस्त रहता है, उसके जीवन में समस्त सुख और संतोष बना रहता है।
हनुमान जी को मंगलमूर्ति कहा गया है। उनके स्मरण और भक्ति से जीवन के अमंगल दूर होते हैं। बाबा जी ने समझाया कि यदि किसी गिलास में खारा पानी भरा हो और उसमें मीठा पानी भरना हो, तो पहले खारे पानी को बाहर निकालना पड़ेगा। उसी तरह हमारे मन में यदि नकारात्मक विचार और कुविचार भरे हैं, तो पहले उन्हें निकालना होगा। कथा, सत्संग और भक्ति मन को शुद्ध करने का माध्यम हैं। जब कुविचार दूर होते हैं, तभी सुविचार जीवन में स्थान बनाते हैं।
जीवन में भक्ति का महत्व
हनुमान जी मंगल करने वाले और अमंगल को दूर करने वाले हैं। उनके जीवन से हमें सेवा, समर्पण, साहस और प्रभु के प्रति अटूट विश्वास की प्रेरणा मिलती है। केवल बाहरी सुंदरता या शरीर की शक्ति जीवन को सार्थक नहीं बनाती। जिस प्रकार पानी के बिना नदी, प्रकाश के बिना सूर्य और गुरु के बिना शिष्य अधूरा है, उसी प्रकार भक्ति के बिना मनुष्य का जीवन भी अधूरा है।
Trending Video
हनुमान जी और श्रीराम का संबंध
हनुमान जी को मंदिर और श्रीराम को उस मंदिर का देवता मानकर बाबा जी ने भक्ति का सुंदर अर्थ समझाया। हनुमान जी के हृदय में श्रीराम विराजमान हैं और श्रीराम के हृदय में हनुमान जी। यह संबंध बताता है कि सच्ची भक्ति में भक्त और भगवान के बीच गहरा प्रेम और समर्पण होता है। इसलिए जीवन में मंगल चाहिए तो श्रीराम और हनुमान जी की भक्ति को अपने आचरण का हिस्सा बनाना चाहिए।
कैंसर अस्पताल का संकल्प
बागेश्वर धाम द्वारा मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम गढ़ा में विश्वस्तरीय कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर बनाने का संकल्प लिया गया है। इस अस्पताल का उद्देश्य जरूरतमंद और गरीब मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस सेवा कार्य को समाज के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया है। श्रद्धालुओं से भी इस पुण्य कार्य में अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करने का आह्वान किया गया है।
जीवन को मंगलमय बनाने का संदेश
बाबा जी का संदेश यही है कि मन को सकारात्मक रखें, कुविचारों को दूर करें, भक्ति और सेवा को जीवन में अपनाएं तथा व्यस्त रहते हुए भी प्रसन्न रहें। जब मन में अच्छे विचार, हृदय में भगवान का स्मरण और जीवन में सेवा का भाव होगा, तब धीरे-धीरे अमंगल दूर होकर जीवन मंगलमय बन जाएगा।