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Mahashivratri 2025: आखिर कब खत्म होगा महाकुंभ, जानें अंतिम स्नान की शुभ तिथि व मुहूर्त

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि 2025: महाकुंभ के संगम में करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं और कुछ अभी भी महाकुंभ में पहुंच रहे हैं। महाकुंभ के दौरान संगम नगरी में बेहद खास रौनक देखने को मिल रही है। 

Mahashivratri 2025
Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि 2025: महाकुंभ के संगम में करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं और कुछ अभी भी महाकुंभ में पहुंच रहे हैं। महाकुंभ (महाकुंभ 2025) के दौरान संगम नगरी में बेहद खास रौनक देखने को मिल रही है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि महाकुंभ का समापन कब होगा और आखिरी महास्नान के शुभ मुहूर्त के बारे में।

महाशिवरात्रि 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त

महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ का समापन होगा. वैदिक पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. वैदिक पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि की तिथि 26 फरवरी को सुबह 11:08 बजे शुरू होगी और तिथि 27 फरवरी को सुबह 08:54 बजे समाप्त होगी. इस प्रकार महाकुंभ का समापन महाशिवरात्रि (26 फरवरी) के दिन होगा और उसी दिन महाकुंभ का अंतिम स्नान होगा।

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05:09 बजे से 05:59 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06:16 बजे से 06:42 बजे तक
निशिता मुहूर्त - दोपहर 12:09 बजे से 12:59 बजे तक

इस मुहूर्त में करें स्नान

महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ के अंतिम स्नान का ब्रह्म मुहूर्त 26 फरवरी को सुबह 05:09 बजे से शुरू होकर शाम 05:59 बजे समाप्त होगा। धार्मिक मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में त्रिवेणी संगम में स्नान करना बहुत फलदायी साबित होता है। इसके अलावा महाशिवरात्रि की तिथि पर किसी भी समय स्नान किया जा सकता है।

स्नान के नियम

महाकुंभ में स्नान करते समय नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। मान्यता है कि नियमों का पालन करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
नहाते समय साधक को साबुन और शैंपू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
इसके अलावा स्नान के बाद गरीबों में या मंदिर में अपनी श्रद्धा के अनुसार अन्न और धन का दान करना चाहिए। मान्यता है कि दान करने से जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती।
दीपदान करना भी शुभ माना जाता है। इस उपाय को करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है।

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