26 May Events Why considered : हिंदू पंचांग के अनुसार 13 मई से ज्येष्ठ माह की शुरुआत हो चुकी है, जो 10 जून 2025 को समाप्त होगा। हिंदू धर्म में इस माह का विशेष महत्व है। धार्मिक दृष्टि से 26 मई का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है
26 May Events Why considered : हिंदू पंचांग के अनुसार 13 मई से ज्येष्ठ माह की शुरुआत हो चुकी है, जो 10 जून 2025 को समाप्त होगा। हिंदू धर्म में इस माह का विशेष महत्व है। धार्मिक दृष्टि से 26 मई का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 26 मई को इतना खास क्यों माना जा रहा है? अगर नहीं, तो आइए इस लेख में जानते हैं इसकी खास वजह।
क्यों खास है 26 मई?
वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 26 मई को पड़ रही है। इस तिथि पर वट सावित्री व्रत, मासिक कार्तिगाई और सोमवती अमावस्या भी मनाई जाएगी। इन तीनों त्योहारों के शुभ संयोग के कारण 26 मई का दिन बहुत खास माना जा रहा है।
कब है सोमवती अमावस्या 2025?
वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12:11 मिनट से शुरू होगी। वहीं यह तिथि 27 मई को सुबह 8:31 बजे समाप्त होगी। ऐसे में 26 मई को सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन सोमवार होने के कारण इसे सोमवती अमावस्या कहा जाएगा।
वट सावित्री व्रत का महत्व
वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को रखा जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए यह व्रत रखती हैं और बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट सावित्री व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं और पति-पत्नी के बीच संबंध मजबूत होते हैं।
मासिक कार्तिगाई का महत्व
हर महीने कृत्तिका नक्षत्र में मासिक कार्तिगाई का पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस शुभ दिन पर भगवान शिव और भगवान कार्तिकेय की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक कार्तिगाई के दिन पूजा-पाठ करने से सुख-समृद्धि आती है और जीवन में शुभ फल मिलते हैं।