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Jyeshtha Amavasya 2025 Shubh Sanyog: 27 मई का दिन बेहद खास, बन रहे हैं 5 अद्भुत संयोग, जरूर करें ये उपाय

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Jyeshtha Amavasya 2025 Shubh Sanyog: इस बार 27 मई का दिन बेहद खास होने वाला है। 27 मई को 5 अद्भुत संयोग बन रहे हैं, जिसमें आपको 5 तरह के आशीर्वाद मिल सकते हैं।

Jyeshtha Amavasya 2025
Jyeshtha Amavasya 2025 Shubh Sanyog: इस बार 27 मई का दिन बेहद खास होने वाला है। 27 मई को 5 अद्भुत संयोग बन रहे हैं, जिसमें आपको 5 तरह के आशीर्वाद मिल सकते हैं। उस दिन ज्येष्ठ मास की अमावस्या है। साथ ही शनिदेव, वीर हनुमान और पितरों की पूजा करने का अवसर है। इनके आशीर्वाद से आप अपने कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं और तरक्की का वरदान पा सकते हैं। 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ज्येष्ठ अमावस्या मंगलवार होने के कारण भौमवती अमावस्या है। इससे आपको मंगल दोष की शांति मिल सकती है। स्नान और दान करके आप पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। उस दिन बड़ा मंगलवार और शनि जयंती भी है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। 

27 मई 2025 को 5 अद्भुत संयोग 

हिंदू पंचांग के अनुसार 27 मई को मंगलवार के दिन ज्येष्ठ अमावस्या है। ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12:11 बजे से 27 मई को सुबह 8:31 बजे तक रहेगी। उस दिन 5 अद्भुत संयोग बन रहे हैं।

1. ज्येष्ठ अमावस्या

2. भौमवती अमावस्या

3. तीसरा बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल

4. शनि जयंती

5. सर्वार्थ सिद्धि योग

ज्येष्ठ अमावस्या पर पितरों का आशीर्वाद

ज्येष्ठ अमावस्या के अवसर पर सुबह उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पितरों को जल अर्पित करें। उस समय ॐ पितृभ्य नमः मंत्र का जाप करें। उस दिन अमावस्या तिथि सुबह 8:31 बजे तक है, इसलिए उससे पहले ही तर्पण कर लें। इस दिन जल का दान अवश्य करें। वैसे पितरों का श्राद्ध, पिंडदान आदि 26 मई को दर्श अमावस्या के दिन ही किया जाएगा। 

भौमवती अमावस्या पर करें स्नान और दान 

भौमवती अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद दान करने का विधान है। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और पाप नष्ट होते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, भौमवती अमावस्या के दिन मंगल दोष दूर करने के सबसे उत्तम दिन होता है। इस दिन कुछ उपाय भी कर सकते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, भौमवती अमावस्या पर आप लाल वस्त्र, लाल चंदन, मसूर की दाल, गुड़ आदि इन चीजों का दान कर सकते हैं। क्योंकि ये वस्तुएं मंगल ग्रह से संबंधित हैं। 

तीसरा बड़ा मंगल 2025 

तीसरा बड़ा मंगल 27 मई को है। इस दिन व्रत रखकर हनुमान जी की पूजा करने का विधान है। जो लोग सच्चे मन से व्रत रखते हैं और बजरंगबली की पूजा करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जीवन में आने वाले संकट, रोग, कष्ट, दोष आदि समाप्त हो जाते हैं। तीसरे बड़े मंगल पर आप हनुमान जी को सिंदूर का चोला, लाल लंगोटी, लड्डू आदि चढ़ा सकते हैं। इस दिन हनुमान चालीसा, बजरंगबाण, सुंदरकांड का पाठ करना श्रेष्ठ रहता है। मंगलवार के दिन आपको राम नाम का जाप भी करना चाहिए। इससे आपको हनुमान जी की कृपा आसानी से प्राप्त होगी।

27 मई 2025 को शनि जयंती

इस बार शनि जयंती भी 27 मई को है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या के दिन सूर्य पुत्र शनिदेव का जन्म हुआ था। इस वजह से हर साल इसी तिथि को शनिदेव का जन्मदिन मनाया जाता है। शनि जयंती पर शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करें। सरसों के तेल या तिल के तेल से अभिषेक करें। गुलाब जामुन चढ़ाएं। शमी के पत्ते और फूल चढ़ाएं। इससे शनि की कृपा मिलेगी, दुखों से मुक्ति मिलेगी। शनि जयंती के दिन आप शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति के उपाय करके भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

27 मई 2025 को सर्वार्थ सिद्धि योग

इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 05:25 बजे से सुबह 05:32 बजे तक है। सर्वार्थ सिद्धि योग केवल 7 मिनट के लिए है। इस योग में आप जो भी कार्य करेंगे, उसमें आपको सफलता मिलेगी। ऐसे में आप जो भी विशेष कार्य करना चाहते हैं, उसे सर्वार्थ सिद्धि योग में करें।

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