Jyeshtha Month 2025 : वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ज्येष्ठ का महीना सभी महीनों में सबसे पवित्र और शुभ माना गया है। मान्यता है कि जो भी जातक इस महीने में दान-पुण्य करता है उसके जीवन में खुशहाली बनी रहती है।
Jyeshtha Month 2025 : वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ज्येष्ठ का महीना सभी महीनों में सबसे पवित्र और शुभ माना गया है। मान्यता है कि जो भी जातक इस महीने में दान-पुण्य करता है उसके जीवन में खुशहाली बनी रहती है। साथ ही साथ भगवान का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ज्येष्ठ माह में कुछ ऐसे भी चीजें होते हैं, जो बच्चों को देने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इससे भगवान श्री नारायण का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। तो आज इस खबर में जानेंगे कि आखिर ज्येष्ठ माह में बच्चों को किन-किन चीजों का दान करना चाहिए। ताकि घर में सुख-शांति और उन्नति बनी रहे। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
बच्चों को जरूर दें ये खास चीजें
तांबे के बर्तन
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तांबे के बर्तन भगवान शिव से जुड़ी हुई धातु है। वहीं ज्येष्ठ माह में भगवान सूर्य का प्रभाव सबसे ज्यादा तेज रहता है। यदि आप ज्येष्ठ माह में बड़े बच्चों को तांबे का बर्तन जैसे लोटा या गिलास देते हैं, इससे उस बच्चे के मन में आत्मविश्वास बढ़ेगा। साथ ही साथ तांबे में पानी पीने से शरीर में गर्मी का असर बहुत ही कम होता है और पाचन भी बेहतर होता है। तांबे के बर्तन में पानी पीने का लाभ धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों है।
लाल रंग के कपड़े
लाल रंग को ऊर्जा, नेतृत्व और सकारात्मक सोच का प्रतीक माना जाता है। यह रंग सूर्य से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए इस महीने बड़े बच्चे को साफ और नए लाल रंग के कपड़े जैसे कुर्ता, दुपट्टा या टी-शर्ट देना शुभ होता है। इससे उसमें आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना बढ़ती है।
गेहूँ का दान
अनाजों में गेहूँ को सबसे प्रमुख माना जाता है। इसका संबंध भी सूर्य से है। ज्येष्ठ माह में बड़े बच्चे को थोड़ा गेहूँ देने या उसे किसी अच्छे काम में लगाने से घर में समृद्धि आती है। आप चाहें तो उसे गेहूँ से बनी मिठाई जैसे लड्डू या हलवा भी दे सकते हैं।
गुड़ का दान
गुड़ एक ऐसी चीज है जो मिठास और आत्मीयता लाती है। सूर्य ग्रह से जुड़ा होने के कारण इसे बहुत शुभ माना जाता है। ज्येष्ठ माह में बड़े बेटे या बेटी को गुड़ या इससे बनी चीजें जैसे चक्की या गजक देने से रिश्तों में मिठास आती है और बच्चा भावनात्मक रूप से मजबूत बनता है।