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Hariyali Teej: हरियाली तीज पर पति की लंबी उम्र के लिए करें ये उपाय, जीवन में बनी रहेगी खुशहाली!

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Hariyali Teej Upay: हरियाली तीज पर किए जाने वाले इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है। इनका उद्देश्य पति की लंबी उम्र, परिवार की खुशहाली और दांपत्य जीवन में प्रेम की कामना करना है। 
 

Hariyali Teej
Hariyali Teej Ka Mahatva: हिन्दू धर्म में हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठिन तपस्या की थी। इसलिए हरियाली तीज पर शिव-पार्वती की पूजा करने से दांपत्य जीवन में प्रेम और सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस दिन कुछ सरल उपाय भी किए जाते हैं, जिन्हें श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से घर में सकारात्मकता बनी रहने की मान्यता है।

शिव-पार्वती की पूजा करें

  • हरियाली तीज के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें। 
  • इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करके विधि-विधान से पूजा करें। 
  • भगवान शिव को जल और बेलपत्र अर्पित करें तथा माता पार्वती को श्रृंगार की वस्तुएं चढ़ाएं। 
  • इसके बाद दोनों से अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना करें।
  • हरियाली तीज पर माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करना शुभ माना जाता है। 
  • आप माता को सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी, चुनरी और अन्य श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित कर सकती हैं। 
  • इसके बाद श्रद्धा के अनुसार इन वस्तुओं को किसी सुहागिन महिला को दान करना भी शुभ माना जाता है। 
  • इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम और सौभाग्य बना रहने की कामना की जाती है।

पति के हाथ से पानी पीने की परंपरा

कई स्थानों पर हरियाली तीज के व्रत के दौरान महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और पूजा के बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलती हैं। हालांकि हर महिला की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, इसलिए निर्जला व्रत रखने से पहले अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। धार्मिक आस्था के अनुसार, व्रत का उद्देश्य श्रद्धा और पति-पत्नी के बीच प्रेम एवं समर्पण की भावना को मजबूत करना है।

हरे रंग के कपड़े पहनें

हरियाली तीज में हरे रंग का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं हरे रंग की साड़ी, सूट या अन्य पारंपरिक वस्त्र पहनती हैं। हरा रंग हरियाली, प्रकृति और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। पूजा के समय हरे रंग की चूड़ियां और मेहंदी लगाना भी इस पर्व की परंपरा का हिस्सा है। माना जाता है कि इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का भाव बना रहता है।

शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं

  • हरियाली तीज के दिन भगवान शिव का अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है। 
  • शिवलिंग पर साफ जल अर्पित करके बेलपत्र चढ़ाएं और भगवान शिव का ध्यान करें। 
  • इसके बाद माता पार्वती की पूजा करें। पूजा के दौरान पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-शांति की कामना की जा सकती है। 
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिव-पार्वती की आराधना वैवाहिक जीवन के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है।

जरूरतमंदों को दान करें

इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र या अन्य उपयोगी सामान का दान करना भी अच्छा माना जाता है। दान हमेशा अपनी सामर्थ्य के अनुसार और बिना किसी दिखावे के करना चाहिए। मान्यता है कि सेवा और दान से मन को शांति मिलती है और घर-परिवार में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

सुखी जीवन का संकल्प

हरियाली तीज केवल पूजा और व्रत का पर्व नहीं है, बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम और विश्वास बढ़ाने का अवसर भी है। इस दिन दोनों एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग और प्रेम बनाए रखने का संकल्प ले सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ आपसी समझ और सम्मान ही वैवाहिक जीवन को मजबूत बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हरियाली तीज पर किए जाने वाले इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है। इनका उद्देश्य पति की लंबी उम्र, परिवार की खुशहाली और दांपत्य जीवन में प्रेम की कामना करना है। सबसे जरूरी बात यह है कि व्रत और पूजा करते समय अपनी सेहत का भी ध्यान रखें और किसी भी परंपरा का पालन अपनी क्षमता के अनुसार ही करें।

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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