Ganesh Visarjan: गणेश विसर्जन के समय बप्पा को विदाई देते हुए भक्त पूरे भाव से पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करने से मन में श्रद्धा और भक्ति का भाव बना रहता है। विसर्जन केवल प्रतिमा को जल में प्रवाहित करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि बप्पा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करने का भी अवसर माना जाता है। क्या आपको पता है कि विसर्जन के समय किन मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है? आइए जानते हैं।
विसर्जन से पहले करें बप्पा का स्मरण
गणेश विसर्जन से पहले भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने दीपक जलाकर धूप, फूल, दूर्वा और भोग अर्पित करें। इसके बाद बप्पा की आरती करें और उनसे परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा के समापन पर भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करके उन्हें श्रद्धापूर्वक विदाई देना शुभ माना जाता है।
‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप
विसर्जन के समय सबसे सरल और प्रचलित गणेश मंत्र का जाप किया जा सकता है।
‘ॐ गं गणपतये नमः।’
इस मंत्र में भगवान गणेश का स्मरण किया जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार इसका कई बार जाप कर सकते हैं। मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं, इसलिए उनके नाम का स्मरण करते हुए बप्पा से जीवन के संकट दूर करने और शुभता बनाए रखने की प्रार्थना की जाती है।
वक्रतुंड महाकाय मंत्र
विसर्जन से पहले इस प्रसिद्ध मंत्र का जाप भी किया जा सकता है।
‘वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥’
इस मंत्र के जरिए भगवान गणेश से सभी कार्यों को निर्विघ्न पूरा करने की प्रार्थना की जाती है। बप्पा को विदाई देते समय परिवार के सभी सदस्य मिलकर इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।
गणेश गायत्री मंत्र
भगवान गणेश की पूजा में गणेश गायत्री मंत्र का भी जाप किया जाता है।
‘ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥’
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मंत्र के जाप से भगवान गणेश का ध्यान किया जाता है। विसर्जन से पहले शांत मन से इसका जाप करके बप्पा से घर-परिवार पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की जा सकती है।
विदाई के समय पढ़ें यह विसर्जन मंत्र
प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाते समय विशेष रूप से इस मंत्र का जाप किया जाता है।
‘यान्तु देवगणाः सर्वे पूजामादाय मामकीम्।
इष्टकामप्रसिद्ध्यर्थं पुनरागमनाय च॥’
इस मंत्र में भगवान और देवगणों से पूजा स्वीकार करने, भक्तों की मनोकामना पूरी करने और फिर से वापस आने की प्रार्थना की जाती है। यही वजह है कि विसर्जन के समय इस मंत्र का विशेष रूप से स्मरण किया जाता है।
बप्पा से दोबारा आने की प्रार्थना
विसर्जन के दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ का जयकारा भी लगाया जाता है। यह बप्पा की विदाई के साथ अगले वर्ष उनके दोबारा आगमन की कामना से जुड़ा है। गणेश विसर्जन की शोभायात्राओं में यह जयकारा भक्तिभाव के साथ लगाया जाता है।
क्षमा प्रार्थना के साथ दें विदाई
विसर्जन से पहले भगवान गणेश से पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा मांगना भी पूजा का हिस्सा माना जाता है। इसके लिए यह प्रार्थना की जा सकती है-
‘आवाहनं न जानामि न जानामि तवार्चनम्।
पूजां चैव न जानामि क्षमस्व गणेश्वर॥’
इसका भाव है कि हे गणेश्वर, मुझे आपका सही आवाहन और पूजन विधि पूरी तरह ज्ञात नहीं है, इसलिए मेरी पूजा में हुई भूलों को क्षमा करें।
इस तरह करें मंत्रों का जाप
विसर्जन के समय पहले ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप कर सकते हैं। इसके बाद ‘वक्रतुण्ड महाकाय’ और गणेश गायत्री मंत्र का पाठ करें। अंत में विसर्जन मंत्र का जाप करते हुए बप्पा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करें। इसके बाद ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ का जयकारा लगाकर श्रद्धापूर्वक प्रतिमा का विसर्जन करें। धार्मिक परंपराओं में विसर्जन के दौरान प्रतिमा को सम्मानपूर्वक जल में समर्पित करने पर जोर दिया जाता है।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)