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Diwali: दिवाली की पूजा में पान के पत्ते पर सुपारी और सिक्का क्यों रखा जाता है? जानिए इसका रहस्य और महत्व

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Diwali: दिवाली की लक्ष्मी पूजा में पान का पत्ता, सुपारी और सिक्का तीनों को एक साथ रखना शुभ माना जाता है। जहां पान का पत्ता मंगल और पवित्रता का प्रतीक है, वहीं सुपारी भगवान गणेश से जुड़ी धार्मिक मान्यता को दर्शाती है।

Diwali
Diwali 2026: दिवाली का त्योहार मां लक्ष्मी के स्वागत और उनकी विशेष पूजा-अर्चना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन घरों और मंदिरों में विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है। पूजा के दौरान फूल, फल, मिठाई, दीपक और धूप के साथ कई ऐसी चीजें भी रखी जाती हैं, जिनका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व होता है। इन्हीं में से एक है पान का पत्ता, जिस पर सुपारी और सिक्का रखकर पूजा की जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दिवाली की पूजा में पान के पत्ते पर ही सुपारी और सिक्का क्यों रखा जाता है? इसके पीछे कौन-सी धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हैं? आइए जानते हैं इसका रहस्य और महत्व।

पान के पत्ते का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में पान के पत्ते को शुभता और मंगल का प्रतीक माना जाता है। पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में इसका इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। मान्यता है कि पान का पत्ता पूजा में शामिल करने से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और घर में सकारात्मकता बनी रहती है। कई धार्मिक परंपराओं में पान के पत्ते को पवित्रता, समृद्धि और शुभ शुरुआत से भी जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा में भी पान का पत्ता अर्पित किया जाता है।

सुपारी रखने के पीछे की मान्यता

दिवाली की पूजा में पान के पत्ते पर सुपारी रखने की परंपरा भी काफी पुरानी है। हिंदू धर्म में सुपारी को भगवान गणेश का प्रतीक मानकर पूजा में शामिल किया जाता है। कई धार्मिक अनुष्ठानों में सुपारी को गणेश स्वरूप मानकर उसकी पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि पूजा में सुपारी रखने से विघ्नहर्ता भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पूजा बिना किसी बाधा के संपन्न होती है। चूंकि दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा भी की जाती है, इसलिए पान के पत्ते पर सुपारी रखने की परंपरा का विशेष महत्व है।

सिक्का रखने का क्या है रहस्य?

मां लक्ष्मी को धन, वैभव और ऐश्वर्य की देवी माना जाता है। ऐसे में दिवाली की पूजा में सिक्का रखना धन और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में सिक्का अर्पित करना मां लक्ष्मी के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का एक तरीका है। पान के पत्ते पर सुपारी के साथ सिक्का रखने की परंपरा को घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की कामना से जोड़कर देखा जाता है। कई परिवारों में पूजा के बाद इस सिक्के को तिजोरी या धन रखने के स्थान पर सुरक्षित रखने की परंपरा भी है।

तीनों चीजों को एक साथ रखने का महत्व

दिवाली की लक्ष्मी पूजा में पान का पत्ता, सुपारी और सिक्का तीनों को एक साथ रखना शुभ माना जाता है। जहां पान का पत्ता मंगल और पवित्रता का प्रतीक है, वहीं सुपारी भगवान गणेश से जुड़ी धार्मिक मान्यता को दर्शाती है। दूसरी ओर, सिक्का धन और समृद्धि की कामना का प्रतीक माना जाता है। इन तीनों को एक साथ रखकर भक्त मां लक्ष्मी और भगवान गणेश से परिवार में सुख-शांति, धन-धान्य और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।

कैसे करें पूजा में इस्तेमाल?

दिवाली के दिन लक्ष्मी-गणेश की पूजा के समय एक साफ पान का पत्ता लें। इसे पूजा की चौकी पर रखें और इसके ऊपर एक साबुत सुपारी तथा साफ सिक्का रख दें। इसके बाद मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का स्मरण करते हुए विधि-विधान से पूजा करें। पूजा में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री साफ और व्यवस्थित होनी चाहिए। पूजा पूरी होने के बाद परिवार की परंपरा के अनुसार सिक्के को तिजोरी या पूजा के स्थान पर सुरक्षित रखा जा सकता है।


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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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