Dhanteras 2026: हिंदू धर्म में धनतेरस का पर्व बेहद शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाता है। धनतेरस को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है।
Dhanteras 2026: हिंदू धर्म में धनतेरस का पर्व बेहद शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाता है। धनतेरस को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है। धनतेरस को खरीदारी के लिए भी बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन घर में कुछ विशेष चीजें लाने से सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस पर कुछ चीजों की खरीदारी शुभ मानी जाती है, तो वहीं कुछ चीजें खरीदने से लोग परहेज करते हैं? आइए जानते हैं।
धनतेरस पर जरूर खरीदें ये चीजें
1. धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना माना जाता है शुभ
धनतेरस के दिन सोने और चांदी की खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना-चांदी खरीदने से घर में सुख-समृद्धि और धन-वैभव बढ़ता है। यही वजह है कि लोग इस दिन सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के और अन्य कीमती वस्तुएं खरीदते हैं। कई लोग चांदी के सिक्के पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आकृति बनवाकर घर लाते हैं और दीपावली पर उनकी पूजा करते हैं। 2. पीतल और तांबे के बर्तन खरीदना
धनतेरस पर धातु के बर्तन खरीदने की भी पुरानी परंपरा है। इस दिन पीतल, तांबे और कांसे के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि के हाथ में अमृत कलश था इसलिए इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा शुरू हुई। लोग नए बर्तन खरीदकर घर लाते हैं और उनमें अनाज, मिठाई या जल भरकर रखते हैं। हालांकि खरीदारी करते समय अपनी जरूरत और सामर्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।
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3. झाड़ू खरीदना माना जाता है शुभ
धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने की परंपरा भी काफी प्रचलित है। मान्यता है कि झाड़ू का संबंध माता लक्ष्मी से होता है और इसे घर में लाने से दरिद्रता दूर होती है। झाड़ू को साफ-सफाई और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस दिन नई झाड़ू खरीदकर घर में लाना शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि झाड़ू को ऐसी जगह रखें, जहां उस पर किसी का पैर न पड़े। 4. धनिया और गोमती चक्र खरीदने की परंपरा
धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, धनिया को समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। कई लोग धनतेरस के दिन साबुत धनिया खरीदकर माता लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करते हैं। इसके अलावा गोमती चक्र खरीदने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इसे घर में रखने से सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है। 5. वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना
आजकल धनतेरस पर लोग सोने-चांदी और बर्तनों के अलावा वाहन, मोबाइल, टीवी, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खरीदते हैं। इस दिन नई वस्तु खरीदना शुभ माना जाता है। कई लोग अपनी जरूरत के अनुसार नया वाहन खरीदते हैं और उसकी पूजा करते हैं। हालांकि, खरीदारी से पहले शुभ मुहूर्त और अपनी आर्थिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए।
धनतेरस पर किन चीजों की खरीदारी से बचते हैं लोग?
1. लोहे की वस्तुएं: धनतेरस पर लोहे की वस्तुएं खरीदने से कई लोग बचते हैं। मान्यता है कि लोहे का संबंध शनिदेव से होता है, इसलिए इस दिन लोहे की खरीदारी को कुछ लोग शुभ नहीं मानते। हालांकि, यह धार्मिक लोकमान्यता है, कोई अनिवार्य नियम नहीं।
2. कांच की वस्तुएं: कुछ मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर कांच की वस्तुएं खरीदने से बचना चाहिए। कांच को नाजुक माना जाता है और इसके टूटने को अशुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। इसलिए कई लोग इस दिन कांच के बर्तन या सजावटी सामान खरीदने से परहेज करते हैं।
3. खाली बर्तन घर लाना: धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा है, लेकिन मान्यता है कि नए बर्तन को घर में खाली नहीं लाना चाहिए। इसलिए लोग उसमें पानी, चावल या कोई अन्य शुभ सामग्री भरकर घर में प्रवेश करते हैं।
4. काले रंग की वस्तुएं: कुछ परिवारों में धनतेरस के दिन काले रंग की चीजें खरीदना शुभ नहीं माना जाता। इस दिन लोग लाल, पीले और सुनहरे रंग की वस्तुओं को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, यह मान्यता भी परिवार और क्षेत्र की परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
5. नुकीली और धारदार वस्तुएं: कई लोग धनतेरस के दिन चाकू, कैंची और अन्य धारदार चीजें खरीदने से बचते हैं। मान्यता है कि ऐसी वस्तुएं घर में नकारात्मकता या कलह का प्रतीक हो सकती हैं।
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)