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Dhanteras 2026: धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा कैसे करें? जानें धन-समृद्धि से जुड़ी मान्यता

jeevanjaliPublished by:
कोमल शर्मा
सार

Dhanteras 2026: हिंदू धर्म में धनतेरस का पर्व बेहद शुभ और मंगलकारी माना जाता है। दिवाली से पहले आने वाला यह त्योहार धन, समृद्धि, सुख और आरोग्य का प्रतीक है।

Dhanteras 2026:
Dhanteras 2026: हिंदू धर्म में धनतेरस का पर्व बेहद शुभ और मंगलकारी माना जाता है। दिवाली से पहले आने वाला यह त्योहार धन, समृद्धि, सुख और आरोग्य का प्रतीक है। इस दिन भगवान धन्वंतरि के साथ-साथ माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर देव की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन विधि-विधान से कुबेर देव की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति पाने का आशीर्वाद मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा कैसे करनी चाहिए और इस दिन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

कौन हैं कुबेर देव और क्यों की जाती है इनकी पूजा?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुबेर देव को धन और संपत्ति का देवता माना जाता है। इन्हें देवताओं का कोषाध्यक्ष भी कहा जाता है। मान्यता है कि कुबेर देव के पास संसार की समस्त संपत्ति और धन का भंडार है। भगवान शिव के परम भक्त कुबेर देव को उत्तर दिशा का दिक्पाल भी माना जाता है।धनतेरस के दिन कुबेर देव की पूजा करने के पीछे मान्यता है कि उनकी कृपा से घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती और व्यक्ति को आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है। यही वजह है कि इस दिन व्यापारी, कारोबारी और गृहस्थ विशेष रूप से कुबेर देव का पूजन करते हैं।

धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा सामग्री

- कुबेर देव की मूर्ति या तस्वीर
- भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की प्रतिमा
- पीले या लाल रंग का कपड़ा
- अक्षत (साबुत चावल)
- रोली और चंदन
- फूल और फूलों की माला
- धूप और दीपक
- घी या तिल का तेल
- फल और मिठाई
- पंचामृत
- सुपारी और पान
- दक्षिणा और सिक्के

धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा कैसे करें?

1. घर की साफ-सफाई करें: धनतेरस के दिन सुबह जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई करें। विशेष रूप से पूजा घर और घर के उत्तर दिशा वाले हिस्से को स्वच्छ रखें। मान्यता है कि स्वच्छ और पवित्र स्थान पर देवी-देवताओं का वास होता है।

2. पूजा की चौकी तैयार करें: शाम के समय पूजा के लिए एक साफ चौकी रखें। उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। इसके बाद कुबेर देव की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। साथ में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की प्रतिमा भी रखें।

3. दीपक जलाकर पूजा शुरू करें: सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें और उनसे पूजा निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना करें। इसके बाद कुबेर देव के सामने घी का दीपक जलाएं। धूप और अगरबत्ती अर्पित करें।

4. कुबेर देव को तिलक और पुष्प अर्पित करें: अब कुबेर देव को रोली, चंदन, अक्षत और फूल अर्पित करें। इसके बाद फल, मिठाई और अन्य सात्विक भोग लगाएं। पूजा के दौरान मन में धन-संपत्ति के सदुपयोग और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।

5. कुबेर मंत्र का जाप करें: धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा के दौरान उनके मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। आप इस मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं।

मंत्र:

ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये।
धनधान्य समृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥

इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से कुबेर देव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

6. कुबेर देव की आरती करें: पूजा के अंत में कुबेर देव की आरती करें। इसके बाद भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की आरती भी करें। परिवार के सभी सदस्यों को आरती में शामिल करें और प्रसाद वितरित करें।

धनतेरस पर कुबेर देव को प्रसन्न करने के विशेष उपाय

- धनतेरस पर घर की उत्तर दिशा को साफ और व्यवस्थित रखें।
- पूजा के समय कुबेर देव के सामने दीपक जलाएं।
- जरूरतमंद लोगों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
- घर में धन का सम्मान करें और फिजूलखर्ची से बचने का संकल्प लें।
- धनतेरस पर किसी का अपमान न करें और किसी जरूरतमंद को खाली हाथ न लौटाएं।
- व्यापार करने वाले लोग अपनी बही-खातों और तिजोरी की साफ-सफाई करके उनकी पूजा कर सकते हैं।

कुबेर देव की पूजा में किन बातों का रखें ध्यान?

धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। पूजा हमेशा स्वच्छ मन और श्रद्धा के साथ करें। पूजा स्थल पर गंदगी न रखें। किसी के प्रति मन में ईर्ष्या या द्वेष न रखें। धन प्राप्ति के साथ-साथ उसके सही उपयोग का संकल्प भी लें। धार्मिक मान्यताओं में दान, सेवा और ईमानदारी से कमाया गया धन विशेष महत्व रखता है।

धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा का क्या है महत्व?

धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है। कुबेर देव की आराधना व्यक्ति को धन का महत्व समझने और उसका सदुपयोग करने की प्रेरणा भी देती है। इस दिन की गई पूजा केवल धन प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन में संतुलन, संतोष और खुशहाली की कामना से भी जुड़ी हुई है।


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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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