Amarnath Yatra 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) ने अमरनाथ यात्रा 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस वर्ष पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और 28 अगस्त 2026 यानी रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। कुल 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए एडवांस रजिस्ट्रेशन पहले ही शुरू हो चुका है। वहीं, श्रद्धालुओं का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना किया जाएगा। अगर आप भी इस वर्ष बाबा बर्फानी के दर्शन की योजना बना रहे हैं तो आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, यात्रा मार्ग और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी पहले से जान लेना जरूरी है।
3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अनुसार, वर्ष 2026 की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। श्रद्धालु इस दौरान पारंपरिक पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग दोनों रास्तों से पवित्र गुफा तक पहुंच सकेंगे। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन, सेना, पुलिस, अर्धसैनिक बल और विभिन्न विभागों ने सुरक्षा एवं सुविधाओं की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
2 जुलाई को रवाना होगा पहला जत्था
हर वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले पहला जत्था जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से रवाना होगा। यह जत्था 2 जुलाई को सुरक्षा बलों की निगरानी में कश्मीर घाटी की ओर प्रस्थान करेगा और 3 जुलाई से श्रद्धालु पवित्र गुफा की यात्रा शुरू करेंगे।
15 अप्रैल से शुरू हो चुका है रजिस्ट्रेशन
अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए एडवांस रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू किया गया है। श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है। वहीं ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन देशभर की नामित बैंक शाखाओं में कराया जा रहा है। प्रत्येक यात्री के लिए यात्रा परमिट लेना अनिवार्य है।
आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन के लिए सबसे पहले श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां अपना पंजीकरण करें, व्यक्तिगत जानकारी भरें, यात्रा की तिथि और मार्ग का चयन करें तथा आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद यात्रा परमिट जारी कर दिया जाएगा। ऑफलाइन आवेदन के लिए अधिकृत बैंक शाखा में आवेदन पत्र, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पहचान पत्र जमा करना होगा। सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद यात्रा परमिट जारी किया जाता है।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
यात्रा के लिए आवेदन करते समय श्रद्धालुओं को कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
- वैध आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र
- पासपोर्ट आकार का फोटो
- अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र
- मोबाइल नंबर
- निर्धारित आवेदन पत्र
श्राइन बोर्ड के अनुसार केवल अधिकृत डॉक्टर द्वारा 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी किया गया स्वास्थ्य प्रमाणपत्र ही मान्य होगा।
RFID कार्ड रहेगा अनिवार्य
इस वर्ष भी प्रत्येक पंजीकृत श्रद्धालु के लिए RFID कार्ड अनिवार्य किया गया है। यात्रा शुरू करने से पहले जम्मू या कश्मीर में निर्धारित केंद्रों से RFID कार्ड प्राप्त करना होगा। बिना RFID कार्ड के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा के दौरान यह कार्ड हर समय अपने साथ रखना होगा।
इस बार हेलीकॉप्टर सेवा नहीं मिलेगी
श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 की अमरनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी। सरकार ने 1 जुलाई से यात्रा समाप्त होने तक पहलगाम और बालटाल सहित पूरे यात्रा क्षेत्र को 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित किया है। ऐसे में श्रद्धालुओं को पैदल, घोड़े, पालकी अथवा पिट्ठू सेवा के माध्यम से ही पवित्र गुफा तक पहुंचना होगा।
यात्रा के दो प्रमुख मार्ग
पहला पारंपरिक पहलगाम मार्ग है। यह लगभग 48 किलोमीटर लंबा है और चंदनवाड़ी, शेषनाग तथा पंचतरणी होते हुए पवित्र गुफा तक पहुंचता है। अधिकांश श्रद्धालु इसी मार्ग को चुनते हैं।
दूसरा बालटाल मार्ग है, जिसकी दूरी लगभग 14 किलोमीटर है। यह अपेक्षाकृत छोटा है, लेकिन इसमें चढ़ाई अधिक कठिन मानी जाती है। कई श्रद्धालु इसी मार्ग से एक ही दिन में दर्शन कर लौटते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार भी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यात्रा मार्ग पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बल तैनात रहेंगे। ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरे, मेडिकल कैंप और आपदा राहत दल भी पूरे यात्रा मार्ग पर सक्रिय रहेंगे। इसके अलावा यात्री वाहनों की आवाजाही के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी निर्देश
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से यात्रा परमिट और RFID कार्ड हर समय साथ रखने, केवल निर्धारित तिथि पर यात्रा करने, मौसम को देखते हुए गर्म कपड़े और रेनकोट साथ रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। इसके अलावा यात्रा के दौरान प्लास्टिक के उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा।
यह भी पढ़ें:-
Ramayan Ki Kahani: रामायण की रचना क्यों हुई? जानें रामायण की मुख्य घटनाएं, कथा और धार्मिक महत्व
Ramayana: कौन थे ऋषि जाबालि? रामायण में क्या थी उनकी भूमिका, पौराणिक कथा से जानें इसका रहस्य
Hanuman Ji Story: कलियुग में कहां रहते हैं हनुमान जी? पौराणिक कथा से जानें इसका रहस्य
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)